ब्लिंकिट PM विश्वकर्मा कारीगरों के मिट्टी के बर्तन-खिलौने बेचेगा, बेंगलुरु में होगी शुरुआत
क्या है खबर?
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने PM विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकृत कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बेचने के लिए क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के साथ साझेदारी की है। यह पहल बेंगलुरु में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जा रही है और इसे दूसरे शहरों तक भी बढ़ाने की योजना है। मंत्रालय ने प्रोजेक्ट की अवधि, इसमें हिस्सा लेने वाले कारीगरों की संख्या या अगले चरण के लिए प्रस्तावित शहरों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
उत्पाद
इन उत्पादों की जाएगी डिलीवरी
इस व्यवस्था के तहत ब्लिंकिट सीधे PM विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों से लिए गए उत्पादों को अपने प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध करेगा।
बयान के अनुसार, शुरुआती उत्पादों में मिट्टी के बर्तन, गुड़िया, खिलौने, सजावटी सामान और हाथ से बनी अन्य चीजें शामिल होंगी।
यह साझेदारी सरकार की उन कोशिशों में एक क्विक-कॉमर्स चैनल जोड़ती है, जिनका मकसद पारंपरिक कारीगरों को बड़े उपभोक्ता बाजार से जोड़ना है।
ब्लिंकिट का ऐप किराना और घरेलू सामान की ऑन-डिमांड डिलीवरी के लिए इस्तेमाल हाेता है।
योजना
क्या है PM विश्वकर्मा योजना?
केंद्र सरकार ने 18 पारंपरिक पारिवारिक व्यवसायों में काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों की मदद के लिए 17 सितंबर, 2023 को PM विश्वकर्मा योजना शुरू की थी।
इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2028 तक की 5 साल की अवधि में 13,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
इसमें लाभार्थियों को सर्टिफिकेट और पहचान पत्र, स्किल ट्रेनिंग और टूलकिट के लिए 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन और 3 लाख रुपये तक का लोन भी मिलता है।