रिटायरमेंट प्लानिंग करते समय न करें ये गलतियां, वरना बुढ़ापे में पछताना पड़ेगा
क्या है खबर?
हर कोई चाहता है कि रिटायरमेंट के बाद उसकी जिंदगी वित्तीय चिंताओं से मुक्त और सुकूनभरी गुजरे, लेकिन इसके लिए आपको समय पर और समझदारी से निवेश करना जरूरी है। कई लोग रिटायरमेंट प्लानिंग को नजरअंदाज कर देते हैं और बाद में उन्हें पछताना पड़ता है, जबकि कुछ लोग निवेश तो करते हैं, लेकिन गलत फैसलों के कारण आर्थिक परेशानी झेलते हैं। आइये जानते हैं रिटायरमेंट की प्लानिंग में आपको कौनसी गलतियां करने से बचना चाहिए।
निर्भरता
एक ही निवेश विकल्प पर न रहें निर्भर
EPF पर निर्भर रहना: ज्यादातर नौकरीपेशा लोग मानते हैं कि उनकी कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) ही उनके रिटायरमेंट के बाद के लिए काफी है, लेकिन ऐसा सोचना आपकी बुढ़ापे की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सही नहीं है। EPF ट्रांसफर न करना: कई लोग नौकरी बदलते समय पुराना EPF अकाउंट नए कंपनी में ट्रांसफर नहीं करते। इससे PF की पुरानी रकम निष्क्रिय पड़ी रहती है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
देरी
इस काम में न करें देरी
देर से बचत शुरू करना: अक्सर लोग सोचते हैं कि अभी करियर की शुरुआत है, आगे चलकर बचत शुरू करेंगे। देरी से की गई शुरुआत से आप पर्याप्त रिटायरमेंट फंड तैयार नहीं कर सकते। महंगाई को नजरअंदाज करना: महंगाई रिटायरमेंट प्लानिंग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, जिसे लोग अक्सर भूल जाते हैं। आज का 1 लाख रुपये 25 साल बाद केवल 25,000 रुपये की वैल्यू का रह जाएगा। इसलिए रिटायरमेंट फंड बनाते समय इसका ध्यान जरूर रखें।