भारत में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए ऐपल 100 करोड़ रुपये करेगी निवेश
क्या है खबर?
ऐपल ने भारत में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि यह निवेश क्लीनमैक्स के साथ साझेदारी में किया जाएगा। इस पहल के जरिए देश में 150 मेगावाट से ज्यादा रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे हर साल करीब 1.5 लाख भारतीय घरों को बिजली मिल सकेगी। ऐपल ने इसे भारत में स्थिरता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
समर्थन
छह हरित स्टार्टअप्स को भी मिलेगा समर्थन
ऐपल ने बताया कि वह एक्यूमेन के साथ मिलकर छह शुरुआती चरण के हरित स्टार्टअप्स को सहायता दे रही है। इन स्टार्टअप्स का काम अपशिष्ट प्रबंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था, पुनर्योजी कृषि और टिकाऊ आजीविका जैसे क्षेत्रों से जुड़ा है। कंपनी इन्हें आर्थिक मदद, मार्गदर्शन और रणनीतिक सहायता देगी। ऐपल का कहना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और नई तकनीक को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे कई क्षेत्रों को लंबे समय में फायदा हो सकता है।
विस्तार
भारत में तेजी से बढ़ रहा ऐपल का विस्तार
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ऐपल भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई नेटवर्क को तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे साझेदारों के साथ काम कर रही है। ऐपल का लक्ष्य साल 2030 तक अपने पूरे कारोबार को कार्बन न्यूट्रल बनाना है। कंपनी ने पहले भी क्लीनमैक्स के साथ सोलर प्रोजेक्ट्स पर काम किया है, जिनसे भारत में उसके दफ्तर और रिटेल स्टोर पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित हो रहे हैं।
पर्यावरण सुरक्षा
पर्यावरण सुरक्षा पर भी बढ़ा रही ध्यान
ऐपल ने WWF-इंडिया और साहस जीरो वेस्ट जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर प्लास्टिक कचरे को कम करने और रीसाइक्लिंग सिस्टम मजबूत करने की दिशा में भी काम बढ़ाया है। कंपनी गोवा के बाद दूसरे शहरों में भी यह पहल शुरू कर रही है। ऐपल ने बताया कि उसने 2015 की तुलना में अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 60 प्रतिशत से ज्यादा कमी की है। इसी दौरान कंपनी के राजस्व में लगभग 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है।