एयरटेल ने प्रायोरिटी पोस्टपेड सर्विस को लेकर दूरसंचार विभाग को दी सफाई
भारती एयरटेल की नई प्रायोरिटी पोस्टपेड सर्विस काफी चर्चा में है। यह सर्विस 5G नेटवर्क स्लाइसिंग का इस्तेमाल करती है, ताकि भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी पोस्टपेड यूजर्स को बिना किसी रुकावट के अच्छी स्पीड मिलती रहे।
इस मामले में कंपनी ने दूरसंचार विभाग (DoT) के एक पैनल को जानकारी दी है। उनका कहना है कि यह सब कुछ पूरी तरह से कानूनी है।
एयरटेल ने साफ किया कि वे किसी भी ऐप को ब्लॉक या स्लो नहीं कर रहे हैं और यह सर्विस टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और DoT के नियमों का पूरी तरह से पालन करती है।
5G क्षमता का 4-6 फीसदी करती है इस्तेमाल
एयरटेल ने बताया कि व्यस्त घंटों में भी उनके 5G क्षमता का सिर्फ एक छोटा हिस्सा पोस्टपेड यूजर्स इस्तेमाल करते हैं, लगभग 4 फीसदी, जो प्रायोरिटी पोस्टपेड के साथ 6 फीसदी तक जा सकता है।
अभी भी बाकी यूजर्स के लिए जैसे प्रीपेड और नॉन-प्रायोरिटी यूजर्स के लिए लगभग 60 फीसदी बैंडविड्थ बची हुई है।
एयरटेल का कहना है कि इससे किसी भी यूजर के अनुभव पर बुरा असर नहीं पड़ेगा और उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि नेटवर्क स्लाइसिंग जैसी सुविधाओं को सीमित करने से भविष्य की तकनीकें जैसे 6G भी पीछे रह सकती हैं।