एयर इंडिया और इंडिगो के नेतृत्व में बदलाव से विमानन क्षेत्र में शुरू होगी नई प्रतिस्पर्धा
भारतीय विमानन क्षेत्र में बड़े फेरबदल देखने को मिल रहे हैं। एयर इंडिया और इंडिगो ने हाल ही में अपने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए हैं।
इथियोपियन एयरलाइन की कमान संभाल चुके टेवोल्डे गेब्रेमारियम अब एयर इंडिया का नेतृत्व करेंगे, जबकि विली वॉल्श इंडिगो से जुड़ गए हैं।
ये दोनों एयरलाइंस भारत के घरेलू हवाई यातायात का लगभग 90 फीसदी हिस्सा संभालती हैं। ऐसे में इनके नेतृत्व में हुए बदलाव बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कंपनियों के सामने हैं कई चुनौतियां
इन नियुक्तियों का समय यूं ही नहीं चुना गया है। दोनों ही एयरलाइंस इस वक्त कई मुश्किल चुनौतियों से जूझ रही हैं। इनमें हवाई अड्डों पर बढ़ती भीड़, यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग और ईंधन की बढ़ती-घटती कीमतें शामिल हैं। गेब्रेमरियाम के लिए एयर इंडिया में यात्रियों का भरोसा फिर से कायम करना एक बड़ी चुनौती होगी, खासकर पुराने हादसों और टाटा समूह के तहत चल रही पुनर्गठन प्रक्रिया के बीच।
दूसरी तरफ, इंडिगो में विली वॉल्श भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार करना चाहते हैं।
हालांकि, वे यह सब एयरलाइन की कार्यकुशलता वाली छवि को बरकरार रखते हुए करना चाहेंगे।