पर्सनल लोन के बारे में आपको भी तो नहीं हैं ये 5 गलतफहमियां
क्या है खबर?
वर्तमान में पर्सनल लोन लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और बड़े खर्चों को पूरा करने का सबसे अच्छा विकल्प बना चुका है। मेडिकल इमरजेंसी हो या बच्चों की पढ़ाई या घर की मरम्मत करानी हो लोग दूसरों के सामने हाथ फैलाने के बजाय लोन को अपनाना सही मानते हैं। अधूरी जानकारी के कारण लोगों में लोन को लेकर कई गलतफहमियां बनी हुई हैं। आज हम आपको पर्सनल लोन से जुड़े 5 मिथकों के बारे में बता रहे हैं।
क्रेडिट स्कोर
कम क्रेडिट स्कोर का क्या होगा असर?
नौकरीपेशा लोगों को मिलता: आम धारणा है कि पर्सनल लोन केवल वेतनभाेगियों को मिलता है, जबकि हकीकत में स्वरोजगार करने वाले, बिजनेस मालिक, स्टार्टअप संचालक और पेंशनधारी भी पात्र होते हैं। कम क्रेडिट स्कोर पर नहीं मिलेगा: अक्सर लोग मान लेते हैं कि क्रेडिट स्कोर कम है तो लोन नहीं मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं है। यह सही है 750 या उससे ज्यादा स्कोर पर मंजूरी आसान हो जाती है। कम स्कोर से आपके लोन की ब्याज दर बढ़ सकती है।
ब्याज दर
क्या बहुत ज्यादा होती है ब्याज दर?
ज्यादा होता है ब्याज: यह आम सोच है कि पर्सनल लोन की ब्याज दर बहुत होती है, जो सालाना 10-15 प्रतिशत के बीच होती है। यह क्रेडिट कार्ड की ब्याज दर 35-45 प्रतिशत की तुलना में कम है। पहले से लोन है तो नहीं मिलेगा: कई लोग सोचते हैं कि अगर उन्होंने पहले से कोई लोन लिया हुआ है तो नया लोन नहीं मिलेगा, जबकि बैंक मंजूरी के लिए आपकी किस्त चुकाने की क्षमता देखते हैं।
उपयोग
क्या केवल निजी खर्चों में कर सकते हैं उपयोग?
पर्सनल लोन नाम होने के कारण कई लोग मानते हैं कि इसका उपयोग केवल आपके निजी खर्चों के लिए ही किया जा सकता है। असल में इसका इस्तेमाल कई उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। लोग इसे बिजनेस में निवेश, पढ़ाई का खर्च, पुराने कर्ज को चुकाने या मेडिकल इमरजेंसी के लिए भी सकते हैं। बैंक लोन की रकम के इस्तेमाल पर सख्त रोक नहीं लगाते। किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए शर्तें साफ-साफ समझ लेना समझदारी है।