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भारत में वित्त वर्ष 2026 में दाखिल हुए 1.43 लाख पेटेंट, छठे स्थान पर पहुंचा
भारत में वित्त वर्ष 2026 में पेटेंट दाखिल करने में 30 फीसदी इजाफा हुआ है

भारत में वित्त वर्ष 2026 में दाखिल हुए 1.43 लाख पेटेंट, छठे स्थान पर पहुंचा

Apr 12, 2026
07:07 pm

क्या है खबर?

भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1.43 लाख से अधिक पेटेंट आवेदन दाखिल करके एक रिकॉर्ड बना दिया है, जो पिछले वर्ष (1.1 लाख) की तुलना में 30 फीसदी अधिक है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह वृद्धि सरकारी पहलों, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के घरेलू इनोवेटर्स के प्रयासों के कारण हुई है। इनमें लगभग 70 फीसदी आवेदन देश के भीतर से आए हैं, जिससे स्पष्ट है कि स्वदेशी विचार फल-फूल रहे हैं।

कारण 

सरकार की इन पहलों से मिला फायदा 

स्टार्टअप, लघु संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों के लिए सरकार द्वारा प्रदान की गई कम शुल्क और त्वरित समीक्षा जैसी सहायता ने 2016-17 से इस वृद्धि को गति प्रदान की है, जब पेटेंट दाखिल करने की संख्या (45,444) वर्तमान की आधे से भी कम थी। 1970 के पेटेंट अधिनियम के तहत एक मजबूत पेटेंट सिस्टम की बदौलत भारत अब विश्व में छठा सबसे बड़ा पेटेंट दाखिल करने वाला देश है, जो नवाचार में वास्तविक गति को दर्शाता है।

जांच प्रक्रिया 

आवेदनों की जांच प्रक्रिया को बनाया बेहतर 

पेटेंट अधिनियम, 1970 के तहत नवीनता, आविष्कारशील चरण और औद्योगिक उपयुक्तता की आवश्यकताओं के अनुपालन का निर्धारण करने के लिए सारगर्भित जांच के बाद ही पेटेंट आवेदन स्वीकृत किए जाते हैं। जांच प्रक्रिया 2-स्तरीय सिस्टम का अनुसरण करती है, जिसमें आवेदनों की जांच की जाती है और बाद में नियंत्रक द्वारा उनकी समीक्षा की जाती है। यह अधिनियम पेटेंट दिए जाने से पहले और बाद में आपत्ति दर्ज करने का प्रावधान भी करता है।

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