पानी में कार का इंजन बंद हो जाए तो दोबारा स्टार्ट क्यों न करें?
क्या है खबर?
बारिश या बाढ़ के दौरान सड़क पर पानी भरने से कार चलाना जोखिम भरा हो सकता है। कई बार पानी ज्यादा गहरा होने पर इंजन अचानक बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में चालक घबराकर कार को तुरंत दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश करता है, लेकिन यही गलती इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। पानी इंजन के अंदर पहुंच चुका हो तो दोबारा स्टार्ट करने से नुकसान बढ़ सकता है और मरम्मत का खर्च काफी बढ़ सकता है।
#1
दोबारा स्टार्ट करने से हो सकता है हाइड्रो लॉक
इंजन बंद होने के बाद दोबारा स्टार्ट करने से हाइड्रो लॉक का खतरा रहता है।
अगर पानी एयर इनटेक के रास्ते इंजन के सिलेंडर में पहुंच गया है, तो इंजन उसे हवा और ईंधन की तरह दबा नहीं सकता। स्टार्टर मोटर इंजन को घुमाता है, लेकिन पानी दबने के बजाय अंदर दबाव बढ़ा सकता है।
इससे पिस्टन, कनेक्टिंग रॉड और दूसरे महंगे हिस्से मुड़ या टूट सकते हैं, जिससे इंजन को भारी नुकसान हो सकता है।
#2
कार रोककर तुरंत मदद बुलाना बेहतर
पानी में इंजन बंद हो जाए तो सबसे पहले कार को वहीं रोककर रखें और बार-बार चाबी घुमाकर स्टार्ट करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
अगर सुरक्षित हो तो कार से बाहर निकलकर ऊंची जगह पर जाएं और मदद बुलाएं। पानी कम होने का इंतजार करना हमेशा पर्याप्त नहीं होता।
बेहतर है कि प्रशिक्षित मैकेनिक या रोडसाइड सहायता बुलाकर एयर फिल्टर, इंजन और दूसरे जरूरी हिस्सों की जांच कराई जाए। इससे छिपे नुकसान का समय रहते पता चल सकता है।
#3
पानी उतरने के बाद भी सावधानी जरूरी
अगर कार पानी से बाहर आने के बाद भी स्टार्ट नहीं हो रही है, तो उसे धक्का देकर या बार-बार सेल्फ लगाकर चलाने की कोशिश न करें।
विशेषज्ञ इंजन में पानी की मौजूदगी, तेल की हालत और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कर सकते हैं। अगर पानी केवल कार के निचले हिस्से तक पहुंचा था और इंजन सुरक्षित रहा, तब भी सावधानी जरूरी है।
सही जांच के बाद ही कार चलाना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।