Loading...
डीलरशिप्स पर क्यों बढ़ रहा पेट्रोल गाड़ियों का स्टॉक? FADA ने बताई असली वजह
डीलरशिप्स पर 60-70 दिनों का स्टॉक रखा हुआ है

डीलरशिप्स पर क्यों बढ़ रहा पेट्रोल गाड़ियों का स्टॉक? FADA ने बताई असली वजह

Aug 08, 2026
12:08 pm

क्या है खबर?

डीलरशिप पर कारों का स्टॉक फिर से बढ़ रहा है, लेकिन इस बार यह बढ़ोतरी कम मांग की वजह से नहीं, बल्कि ग्राहकों की पसंद में तेजी से आए बदलाव की वजह से हो रही है, जो अब पेट्रोल वाली गाड़ियों से दूर हो रहे हैं। डीलर्स का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर खरीदारों की बढ़ती चिंता ने CNG और इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ा दी है, जबकि डीजल गाड़ियों की मांग में तेजी आई है।

स्टॉक 

कितने दिन का स्टॉक जमा?

ईंधन के इस्तेमाल में आए इस बदलाव के कारण डीलरशिप के पास पेट्रोल गाड़ियों का पुराना स्टॉक जमा हो गया है, जबकि कुल मिलाकर गाड़ियों की खुदरा मांग अच्छी बनी हुई है।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, डीलरशिप पर मौजूद पैसेंजर गाड़ियों के स्टॉक का एक-चौथाई से ज्यादा हिस्सा अब 60-70 दिन या उससे ज्यादा पुराना हो गया है, जबकि आम तौर पर स्टॉक का चक्र 30-33 दिन का होता है।

कारण 

थोक और खुदरा बिक्री में अंतर 

यह रुझान तब देखने को मिला है, जब जुलाई में कार बनाने वाली कंपनियों ने ग्राहकों को बेची गई गाड़ियों की तुलना में डीलर्स को काफी ज्यादा गाड़ियां भेजीं।

थोक में 4.69 लाख गाड़ियां भेजी गईं, जबकि खुदरा बाजार में 4.16 लाख गाड़ियां बिकीं। इससे 52,000 से ज्यादा इंवेंट्री में बची रह गई हैं।

इंवेंट्री की वजह थोक और खुदरा के बीच बढ़ता अंतर तो है ही साथ ही ग्राहकों की पसंद में बदलाव भी बड़ी वजह है।

ADVERTISEMENT

बदलाव 

पेट्रोल और वैकल्पिक ईंधन में अंतर घटा

मनीकंट्रोल से बातचीत में FADA के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा, "पिछले साल पेट्रोल और वैकल्पिक ईंधन की हिस्सेदारी में 13 फीसदी का अंतर था। वर्तमान में यह अंतर घटकर एक फीसदी रह गया है। पेट्रोल की हिस्सेदारी 41.68 फीसदी है, जबकि वैकल्पिक ईंधन की 40.59 फीसदी है। जिस तरह से चीजें आगे बढ़ रही हैं, मुझे लगता है कि 1-2 महीने में वैकल्पिक ईंधन पेट्रोल से आगे निकल जाएगा।"

दूसरी तरफ, डीजल गाड़ियों की हिस्सेदारी 1.4 प्रतिशत बढ़ी है।

ADVERTISEMENT