क्यों होती है बाइक में पीछे बैठने वाले सवार की सीट ऊंची? जानिए इसकी वजह
क्या है खबर?
लोग कम्यूटर से लेकर स्पोर्ट्स और सुपरबाइक्स चलाने के शौकीन होते हैं। हर मोटरसाइकिल में एक चीज मिलती-जुलती होती है उनकी सीट का डिजाइन है। ज्यादातर में पिलियन सीट (पीछे के यात्री के लिए) राइडर सीट से ऊंची होती है। कई बार बाइक में पीछे सफर करने वालों को इस ऊंचाई के कारण बैठने में परेशानी होती है। क्या आपने कभी सोचा है कि पिलियन की सीट ऊंची क्यों होती है? आइये इसके पीछे की वजह जानते हैं।
संतुलन
ऊंची सीट बनाने के पीछे तकनीकी कारण
मोटरसाइकिल का डिजाइन इस तरह तैयार किया जाता है कि रोजमर्रा की यात्रा आसान हो सके। इसी को देखते हुए सीट की ऊंचाई और चौड़ाई को तैयार किया जाता है। अधिकतर बाइक में पीछे वाले यात्री की सीट ऊंची रखने के पीछे तकनीकी कारण होता है। बाइक का संतुलन बेहतर बनाने के लिए आगे-पीछे के टायरों पर बराबर वजन बने रहना जरूरी है। ऊंची सीट यात्री को बाइक के गुरुत्वाकर्षण केंद्र के करीब लाती है, जिससे संतुलन बनता है।
सुरक्षा
सुरक्षा भी देती है ऊंची सीट
ऊंची सीट पर बैठा यात्री थोड़ा आगे की ओर झुकता है, जिससे उसका वजन बाइक के सेंटर में आ जाता है और संतुलन बेहतर होता है। यह वायु प्रतिरोध को भी कम करता है, जिससे राइडिंग आसान हो जाती है। यह हवा, धूल और कंपन का प्रभाव कम कर सुरक्षा भी प्रदान करती है। ऊंची सीट रखना बाइक के सस्पेंशन के साथ बेहतर तालमेल बिठाना है, जिससे पीछे बैठने वाले यात्री को कम झटके लगते हैं।