इंजन चेक लाइट को हल्के में लेना क्यों गलत?
क्या है खबर?
कार या बाइक के डैशबोर्ड पर जलने वाली इंजन चेक लाइट वाहन के लिए चेतावनी होती है। यह लाइट बताती है कि इंजन या उससे जुड़े किसी सिस्टम में गड़बड़ी आ रही है। कई लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह आदत आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है। यह लाइट सेंसर, फ्यूल सिस्टम, एग्जॉस्ट या इंजन परफॉर्मेंस से जुड़ी समस्या की ओर इशारा करती है, जिसे समय पर समझना जरूरी होता है।
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लाइट जलने की आम वजहें
इंजन चेक लाइट जलने की कई वजहें हो सकती हैं। ढीला फ्यूल कैप, खराब ऑक्सीजन सेंसर, गंदा एयर फिल्टर या स्पार्क प्लग की समस्या इसकी आम वजह है। कई बार खराब फ्यूल या समय पर सर्विस न होने से भी यह लाइट ऑन हो जाती है। आधुनिक गाड़ियों में छोटे सेंसर भी बड़ी चेतावनी दे देते हैं। शुरुआत में समस्या छोटी लग सकती है, लेकिन समय के साथ यही खराबी इंजन पर ज्यादा दबाव डालने लगती है।
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नजरअंदाज करने से क्या नुकसान?
अगर इंजन चेक लाइट को लंबे समय तक अनदेखा किया जाए, तो इंजन की परफॉर्मेंस गिरने लगती है। माइलेज कम हो सकता है, पावर घट सकती है और अचानक गाड़ी बंद होने का खतरा बढ़ जाता है। कुछ मामलों में कैटेलिटिक कन्वर्टर या इंजन के अहम हिस्से खराब हो सकते हैं, जिनकी मरम्मत महंगी पड़ती है। छोटी सी चेतावनी को टालने से बाद में हजारों रुपये का खर्च आ सकता है और सड़क पर फंसने का जोखिम भी रहता है।
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समाधान और सही कदम
इंजन चेक लाइट जलते ही सबसे पहले गाड़ी की जांच करानी चाहिए। नजदीकी सर्विस सेंटर पर स्कैन टूल से कोड चेक करवाने से असली वजह सामने आ जाती है। फ्यूल कैप, फिल्टर और सर्विस शेड्यूल पर ध्यान देना भी जरूरी है। समय पर मरम्मत से खर्च कम रहता है और गाड़ी सुरक्षित बनी रहती है। याद रखें, इंजन चेक लाइट डराने के लिए नहीं, बल्कि समय रहते समस्या बताने के लिए होती है।