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कार बेचने के बाद क्यों जरूरी है फास्टैग को डिएक्टिवेट करना? जानिए इसका तरीका
कार बेचने के बाद भी उसका फास्टैग काम करता रहता है

कार बेचने के बाद क्यों जरूरी है फास्टैग को डिएक्टिवेट करना? जानिए इसका तरीका

Sep 13, 2026
06:50 pm

क्या है खबर?

लोग पुरानी कार बेचने के बाद रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और दूसरे कागजात ट्रांसफर करके निश्चिंत हो जाते हैं। कम लोगों को पता है कि कार बेचने के बाद फास्टैग को डिएक्टिवेट करना भी जरूरी है। इसे नजरअंदाज करने पर आगे परेशानी हो सकती है। कार का नया मालिक जब-जब टोल प्लाजा से गुजरेगा तब-तब पैसा आपके फास्टैग से जुड़े अकाउंट से कटता रहेगा। आइए जानते हैं पुरानी कार बेचने के बाद अपने फास्टैग अकाउंट को डिएक्टिव कैसे करें।

फास्टैग 

क्या होता है फास्टैग?

फास्टैग कार की विंडशील्ड पर लगा एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग होता है। यह आपके फास्टैग अकाउंट या वॉलेट से जुड़ा रहता है।

कार टोल प्लाजा से गुजरने पर वहां लगा स्कैनर इस टैग को पढ़ लेता है और टोल टैक्स की रकम जुड़े हुए अकाउंट से अपने आप कट जाती है।

अगर, आपने कार बेच दी और फास्टैग बंद नहीं कराया तो टैग पहले की तरह ही काम करता रहेगा और पैसा आपके खाते से कटता रहेगा।

तरीका 

ऐसे डिएक्टिवेट कर सकते हैं फास्टैग

फास्टैग को बंद कराने का तरीका अलग-अलग बैंक और एजेंसी में अलग-अलग होता है। इसके लिए बैंक की कस्टमर केयर सर्विस या फास्टैग पोर्टल पर संपर्क करें।

कस्टमर केयर को बताएं कि आपने अपनी कार बेच दी है और फास्टैग अकाउंट बंद करवाना चाहते हैं।

बैंक आपसे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और टैग से जुड़ी कुछ जानकारी मांग सकता है। इसका सत्यापन होने के बाद बैंक इसको बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा।

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