टायर की मामूली दरार भी है खतरे की घंटी, जानिए खराब होने का कारण
क्या है खबर?
लोगों की लापरवाही के कारण देश में रोजाना बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। इनमें से एक वजह अपनी कार के टायर पर ध्यान नहीं देना और खराब होने के बाद भी उनका उपयोग करते रहना है। कई लोग टायर में क्रैक आने के बाद भी इनका इस्तेमाल करते रहते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। आइए जानते हैं टायर में दरार आने का कारण क्या है और इससे होने वाली परेशानी से कैसे बच सकते हैं।
नुकसान
टायर में क्रैक आने से क्या होता है नुकसान?
टायर की सही तरह से देखभाल नहीं कर पाने के कारण उनमें कुछ समय के बाद क्रैक आ जाते हैं। भले ही ये काफी छोटे हों, लेकिन ये काफी खतरनाक भी हो सकते हैं। टायर में सबसे ज्यादा क्रैक आने का खतरा साइड वॉल पर होता है। इस पर अगर हल्की दरारें आ जाएं तो लापरवाही के कारण बड़ी हो सकती है। इसके अलावा क्रैक के कारण हवा जल्दी-जल्दी निकलने लगती है, जिससे माइलेज पर बुरा असर होता है।
कारण
इन कारणों से आ सकती हैं दरारें
कार को एक ही जगह पर लंबे समय तक खड़ा रखने या कम चलाने से टायर में क्रैक आने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि एक ही हिस्से पर दबाव रहने से रबर सूखने लगता है। लगातार धूप से रबर के कंपाउंड्स टूट जाते हैं, जिससे दरारें आ जाती हैं। निर्धारित से कम या ज्यादा हवा भरी होने पर टायर खराब हो जाते हैं। भारी बारिश, पानी और सफाई के लिए कठोर रसायनों का उपयोग रबर को नुकसान पहुंचाते हैं।
समाधान
समाधान के लिए अपनाएं ये तरीके
नियमित रूप से टायर में हवा का दबाव जांचें और सही एयर प्रेशर बनाए रखें। इसके अलावा गाड़ी को छाया में खड़ा करें और लंबे समय तक खड़ी न रखें। रबर की उम्र और स्थिति की जांच करते रहें। टायर में क्रैक आ जाएं तो इनको पूरी तरह से ठीक नहीं करवाया जा सकता। कुछ लोग ऐसे टायर को ठीक करते हैं, लेकिन यह ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल पाते। ऐसे में इनको बदलना ही एकमात्र समाधान होता है।