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टेस्ला ने भारत में कारखाना लगाने से कदम क्यों पीछे खींचे?
टेस्ला लंबे समय से भारत में फैक्ट्री लगाने पर सरकार से चर्चा कर रही थी

टेस्ला ने भारत में कारखाना लगाने से कदम क्यों पीछे खींचे?

May 20, 2026
10:36 am

क्या है खबर?

टेस्ला ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) फैक्ट्री बनाने की योजना से पीछे हटने का फैसला किया है, जिससे स्थानीय उत्पादन को लेकर वर्षों से चल रही अटकलों और बातचीत का अंत हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पुष्टि की कि अमेरिकी EV निर्माता ने आधिकारिक तौर पर अधिकारियों को सूचित कर दिया है कि वह देश में निर्माण प्लांट स्थापित नहीं करेगी। फैक्ट्री लगाने के बजाय कंपनी यहां खुदरा बिक्री पर ध्यान देगी।

रणनीतिक बदलाव 

कंपनी की रणनीति में बड़ा बदलाव 

यह निर्णय टेस्ला की रणनीति में एक बड़ा बदलाव है। हालांकि, कंपनी ने आयात शुल्क कम करने के बदले में भारतीय अधिकारियों के साथ स्थानीय उत्पादन के अवसरों पर वर्षों तक चर्चा की थी। अब ऐसा लगता है कि उसने घरेलू उत्पादन में निवेश करने के बजाय केवल खुदरा बिक्री पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। टेस्ला ने पिछले साल भारतीय बाजार में दस्तक देने के बाद से अपने रिटेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है।

आयात 

भारी आयात शुल्क सबसे बड़ी परेशानी 

एलन मस्क के स्वामित्व वाली कंपनी भारत में डिलीवरी के लिए गीगा शंघाई फैक्ट्री से मॉडल-Y और मॉडल-Y L का आयात करती है। हालांकि, चीन से वाहनों का आयात करना काफी महंगा पड़ता है। उसे विदेशी निर्मित इलेक्ट्रिक कारों पर 110 फीसदी तक आयात शुल्क देना पड़ता है, जिससे उनकी कीमतें काफी बढ़ जाती हैं। इससे स्थानीय स्तर पर निर्मित प्रतिद्वंद्वी वाहनों से उनका मुकाबला कमजोर पड़ जाता है। ऊंची कीमतों के कारण टेस्ला की बिक्री सुस्त रही है ।

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विकल्प 

सरकार ने दिया था टेस्ला को विकल्प 

भारी आयात शुल्कों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने भारत में प्लांट लगाने वाले निर्माताओं को शुल्क घटाकर 15 फीसदी करने की पेशकश की। टैरिफ विवाद के चलते टेस्ला ने इस परियोजना में भाग लेने से इनकार कर दिया। कंपनी ने कारखाना स्थापित करने से पहले आयात शुल्क कम करने की मांग की, जबकि भारतीय अधिकारी टैरिफ में छूट देने से पहले स्थानीय उत्पादन शुरू करने की अपेक्षा कर रहे थे। इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।

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कारण 

कारखाना लगाने में ये हैं अड़चनें 

रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला के यहां फैक्ट्री नहीं लगाने के निर्णय के पीछे कई और भी कारण हैं। इनमें भारत की ऑटोमोटिव सप्लाई चेन में कमियां, इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाएं, नियामक अनिश्चितता, टेस्ला की प्रीमियम कीमत और देश में उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति में अंतर जैसे कारक शामिल हैं। स्थानीय उत्पादन योजनाओं को स्थगित करने के बावजूद कंपनी देश में अपने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रखे हुए है। पिछले सप्ताह ही बेंगलुरु में एक्सपीरियंस सेंटर खोला गया है।

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