कार के शीशे पर केवल डिजाइन के लिए नहीं होते डॉट्स? जानिए क्या है इनका काम
क्या है खबर?
भले ही लोग कार चलाने में कितनी ही महारत हासिल कर ले, लेकिन फिर भी सभी फीचर्स के बारे में जान पाना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। एक ऐसा ही चीज होती है कार की विंडशील्ड पर दिखने वाले छोटे-छोटे काले रंग के डॉट्स। कुछ लोग मानते हैं ये शीश को आकर्षक बनाने के लिए होते हैं, लेकिन असल वजह कुछ और होती है। आइए जानते हैं शीशे पर ये काले डॉट्स क्या काम करते हैं।
निर्माण
किससे बने होते हैं डॉट्स?
डॉट्स विंडशील्ड के किनारे पर सिरेमिक मटेरियल से बने होते हैं, जिन्हें तकनीकी भाषा में विंडशील्ड फ्रिट्स कहा जाता है। इनका पैटर्न खास तरह से बनाया जाता है, जिसमें नीचे की तरफ बड़े और गहरे डॉट्स होते हैं और ऊपर की तरफ जाते-जाते ये छोटे और हल्के हो जाते हैं। शीशे को फ्रेम पर चिपकाने के लिए खास गोंद (यूरेथेन) का इस्तेमाल होता है। ये डॉट्स उस गोंद को ढक लेते हैं और मजबूत पकड़ बनाने में मदद करते हैं।
काम
यह काम करते हैं डॉट्स
इन डॉट्स के कारण शीशा फ्रेम पर मजबूती से टिका रहता है और झटकों में हिलता नहीं है। इनका एक और काम सूरज की किरणों से सुरक्षा देना है। कांच में लगा गोंद समय के साथ धूप की वजह से खराब हो सकता है, लेकिन डॉट्स से ढका होने के कारण जल्दी खराब नहीं होता। इससे विंडशील्ड लंबे समय तक ढीली नहीं पड़ती। इसके अलावा ये सूरज की सीधी रोशन को रोककर चालक की आंखों को आराम देते हैं।