सेकंड हैंड बाइक खरीदने से पहले किन दस्तावेजों की जांच जरूरी है?
क्या है खबर?
पुरानी बाइक खरीदना नई बाइक के मुकाबले सस्ता सौदा हो सकता है, लेकिन जल्दबाजी में फैसला लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है। बाइक की हालत देखने के साथ उसके जरूरी दस्तावेज भी जांचना बेहद जरूरी है। कागजों में गड़बड़ी होने पर बाद में मालिकाना हक, चालान या कानूनी परेशानी सामने आ सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले RC, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और विक्रेता की जानकारी आपस में जरूर मिलाएं। इससे सौदा सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
#1
आरसी और बाइक का नंबर जरूर मिलाएं
सबसे पहले बाइक की मूल पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) जांचें।
इसमें दर्ज मालिक का नाम विक्रेता की पहचान से मिलना चाहिए। बाइक का पंजीकरण नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर भी वाहन पर लिखे नंबरों से मिलाएं। किसी नंबर में अंतर मिलने पर सौदा रोकना बेहतर है।
RC में लोन या हाइपोथिकेशन दर्ज है तो उसके भुगतान और समाप्ति का प्रमाण भी मांगें। सरकारी प्रक्रिया में मालिकाना हस्तांतरण के लिए फॉर्म 29 और 30 जरूरी हैं।
#2
बीमा, प्रदूषण और टैक्स की स्थिति देखें
बाइक का वैध बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र भी जरूर जांचें।
बीमा दस्तावेज में बाइक का पंजीकरण नंबर और अन्य जानकारी सही होनी चाहिए। प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता भी देख लें। साथ ही यह पता करें कि बाइक पर कोई बकाया टैक्स या अन्य सरकारी देनदारी तो नहीं है।
अगर बाइक दूसरे राज्य की है, तो संबंधित अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे दस्तावेजों की जांच बाद की परेशानी से बचा सकती है।
#3
मालिकाना हस्तांतरण के कागज पूरे रखें
सौदा तय होने के बाद मालिकाना हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कराना जरूरी है।
विक्रेता और खरीदार को निर्धारित फॉर्म पर हस्ताक्षर करने चाहिए और जरूरी पहचान व पते के दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। खरीद के बाद आरसी अपने नाम कराने की प्रक्रिया में देरी न करें।
परिवहन विभाग के अनुसार, एक ही राज्य में सामान्य बिक्री के मामले में खरीदार को फॉर्म 30 के जरिए हस्तांतरण के लिए आवेदन करना होता है। दस्तावेजों की प्रतियां अपने पास जरूर रखें।