फ्यूल फिल्टर कब बदलें? जानिए गंदा रहने पर क्या हो सकता है नुकसान
क्या है खबर?
कार या बाइक की अच्छी परफॉर्मेंस और लंबी उम्र के लिए फ्यूल फिल्टर का सही हालत में होना बहुत जरूरी है। यह छोटा, लेकिन अहम हिस्सा ईंधन में मौजूद धूल, गंदगी और अशुद्धियों को इंजन तक पहुंचने से रोकता है। अगर यह समय पर साफ या बदला न जाए तो वाहन की ताकत, माइलेज और इंजन की सेहत पर सीधा असर पड़ सकता है। इसे नजरअंदाज करने से आगे चलकर बड़ी और महंगी दिक्कत खड़ी हो सकती है।
#1
कब बदलना चाहिए फ्यूल फिल्टर?
आमतौर पर फ्यूल फिल्टर को हर 20,000 से 40,000 किलोमीटर के बीच बदलने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह दूरी वाहन के मॉडल और उपयोग पर भी निर्भर करती है। अगर गाड़ी स्टार्ट होने में समय ले रही हो, बार-बार झटके दे रही हो या पिकअप कम महसूस हो रहा हो, तो यह संकेत हो सकता है कि फिल्टर बदलने की जरूरत है। समय पर फ्यूल फिल्टर बदलना इंजन को सुरक्षित और मजबूत रखता है।
#3
गंदा फिल्टर क्या नुकसान पहुंचाता है?
फ्यूल फिल्टर गंदा या जाम हो जाता है तो ईंधन सही तरीके से इंजन तक नहीं पहुंच पाता है। इससे इंजन को पर्याप्त और साफ फ्यूल नहीं मिलता और वह रुक-रुक कर या असमान तरीके से चलता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर इंजन पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है और अंदर के कई जरूरी पार्ट्स जल्दी खराब हो सकते हैं। इससे माइलेज कम हो जाती है, धुआं बढ़ सकता है और वाहन की ताकत भी धीरे-धीरे घटने लगती है।
#4
समय पर बदलना है समझदारी
फ्यूल फिल्टर बदलना ज्यादा महंगा या जटिल काम नहीं है, लेकिन इसे टालना भारी नुकसान पहुंचा सकता है। नियमित सर्विस के दौरान मैकेनिक से इसकी जांच जरूर करवाएं और जरूरत हो तो तुरंत बदलवा लें। साफ और शुद्ध ईंधन मिलने से इंजन की उम्र बढ़ती है और गाड़ी स्मूद तथा बेहतर तरीके से चलती है। अगर आप बेहतर माइलेज, कम खर्च और सुरक्षित ड्राइविंग चाहते हैं, तो फ्यूल फिल्टर को समय पर बदलना ही सबसे आसान और भरोसेमंद उपाय है।