कार का इंजन बार-बार ओवरहीट हो तो क्या चेक करें?
क्या है खबर?
कार चलाते समय इंजन का बार-बार गर्म होना सामान्य समस्या नहीं है। अगर तापमान बढ़ने की चेतावनी बार-बार आती है, तो इसे नजरअंदाज करने से इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत गाड़ी रोककर कारण की जांच करना जरूरी है। समस्या छोटी होने पर समय रहते ठीक की जा सकती है, लेकिन लगातार ओवरहीटिंग से इंजन के महंगे हिस्से खराब हो सकते हैं। इसलिए कुछ जरूरी चीजें खुद भी ध्यान से चेक करनी चाहिए।
#1
कूलेंट का स्तर और लीकेज जरूर देखें
सबसे पहले इंजन पूरी तरह ठंडा होने पर कूलेंट का स्तर चेक करें।
रिजर्व टैंक में कूलेंट निर्धारित निशान के बीच होना चाहिए। अगर स्तर बार-बार कम हो रहा है, तो पाइप, रेडिएटर या किसी जोड़ से लीकेज हो सकता है।
गर्म इंजन में रेडिएटर का ढक्कन कभी न खोलें, क्योंकि दबाव वाली गर्म भाप या कूलेंट से गंभीर चोट लग सकती है। लीकेज दिखने पर गाड़ी चलाने के बजाय तुरंत सर्विस सेंटर पर जांच करवाना बेहतर है।
#2
रेडिएटर और कूलिंग फैन की जांच करें
इंजन गर्म होने पर रेडिएटर और कूलिंग फैन भी जांच के जरूरी हिस्से हैं।
रेडिएटर में गंदगी या बाहर से जमा कचरा हवा का प्रवाह रोक सकता है, जिससे गर्मी ठीक से बाहर नहीं निकलती। कूलिंग फैन सही समय पर नहीं चल रहा हो तो तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
फैन, रेडिएटर और उससे जुड़े सभी हिस्सों की जांच किसी अनुभवी तकनीशियन से करवाएं। यह देखें कि कूलेंट का रंग गंदा या असामान्य तो नहीं दिखाई दे रहा है।
#3
थर्मोस्टेट और इंजन ऑयल भी चेक करें
अगर कूलेंट और रेडिएटर ठीक हैं, तो थर्मोस्टेट, पानी का पंप और इंजन ऑयल की जांच जरूरी हो सकती है।
खराब थर्मोस्टेट कूलेंट का प्रवाह प्रभावित कर सकता है, जबकि पानी के पंप में खराबी से इंजन की गर्मी ठीक से नियंत्रित नहीं होती। इंजन ऑयल कम होने पर भी घर्षण और तापमान बढ़ सकता है।
बार-बार ओवरहीटिंग होने पर गाड़ी चलाते रहने के बजाय विशेषज्ञ से पूरी कूलिंग सिस्टम की जांच करवाना सबसे सुरक्षित विकल्प है।