LOADING...
हर 5,000 किलोमीटर पर कार में क्या-क्या चेक कराना चाहिए?
इससे छोटी खराबियां समय रहते पता चल जाती हैं

हर 5,000 किलोमीटर पर कार में क्या-क्या चेक कराना चाहिए?

Jul 10, 2026
09:19 am

क्या है खबर?

कार को लंबे समय तक बेहतर हालत में रखने के लिए हर 5,000 किलोमीटर के बाद जरूरी जांच कराना फायदेमंद माना जाता है। इससे छोटी खराबियां समय रहते पता चल जाती हैं और आगे चलकर बड़े खर्च से बचा जा सकता है। नियमित जांच कराने से इंजन, ब्रेक और दूसरे जरूरी हिस्से बेहतर तरीके से काम करते रहते हैं। इससे कार की सुरक्षा, माइलेज और प्रदर्शन भी लंबे समय तक अच्छा बना रहता है तथा सफर अधिक भरोसेमंद बनता है।

#1

इंजन ऑयल, ब्रेक और टायर जरूर जांचें

हर 5,000 किलोमीटर पर इंजन ऑयल का स्तर और उसकी स्थिति जरूर जांचें। जरूरत होने पर ऑयल और ऑयल फिल्टर भी बिना देरी बदलवाएं। साथ ही ब्रेक ऑयल, कूलेंट और वाइपर फ्लूइड भी जांच लेना चाहिए। टायर में सही हवा, ट्रेड की स्थिति और किसी कट या नुकसान की भी जांच कराएं। इससे कार सुरक्षित रहती है, बेहतर माइलेज देती है और सड़क पर संतुलन भी अच्छा बना रहता है।

#2

बैटरी, फिल्टर और लाइट की भी करें जांच

इस दौरान कार की बैटरी, एयर फिल्टर और केबिन फिल्टर की जांच भी करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर इन्हें साफ या बदलवा देना बेहतर रहता है। सुरक्षित यात्रा के लिए हेडलाइट, टेल लाइट, इंडिकेटर, हॉर्न और वाइपर सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, यह भी देखना जरूरी है। इससे बारिश, धुंध या रात के समय गाड़ी चलाते वक्त सुरक्षा बढ़ती है और किसी परेशानी की संभावना कम रहती है।

Advertisement

#3

सस्पेंशन और सर्विस रिकॉर्ड पर भी रखें नजर

हर 5,000 किलोमीटर पर सस्पेंशन, स्टीयरिंग, बेल्ट और नीचे के हिस्सों की भी जांच करानी चाहिए। अगर गाड़ी से कोई असामान्य आवाज आ रही हो या कंपन महसूस हो रहा हो, तो उसे नजरअंदाज न करें। हमेशा अधिकृत सर्विस सेंटर या भरोसेमंद मैकेनिक से जांच कराएं और सर्विस रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। नियमित देखभाल से कार की उम्र बढ़ती है, रखरखाव का खर्च कम होता है और वाहन लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रहता है।

Advertisement