EV बाइक में BMS खराब होने पर बैटरी में क्या समस्या आ सकती है?
क्या है खबर?
इलेक्ट्रिक बाइक की बैटरी को सही तरीके से चलाने में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) की बड़ी भूमिका होती है। यह बैटरी के सेल्स की स्थिति, तापमान, चार्ज और वोल्टेज पर नजर रखता है। अगर BMS खराब हो जाए, तो बैटरी का काम प्रभावित हो सकता है और बाइक चलाते समय कई तरह की दिक्कतें सामने आ सकती हैं। इसलिए BMS में खराबी के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।
चार्जिंग
बैटरी चार्ज होने में आ सकती है दिक्कत
BMS खराब होने पर बैटरी सही तरीके से चार्ज नहीं हो सकती।
कई बार चार्जर लगा होने के बावजूद बैटरी चार्ज नहीं बढ़ाती या अचानक चार्जिंग रुक जाती है। कुछ मामलों में बैटरी जरूरत से ज्यादा गर्म भी हो सकती है।
BMS सेल्स के बीच चार्ज को संतुलित रखता है, इसलिए इसके खराब होने पर बैटरी के अलग-अलग सेल असमान तरीके से चार्ज हो सकते हैं। इससे बैटरी की क्षमता और प्रदर्शन धीरे-धीरे प्रभावित हो सकता है।
रेंज
बाइक की रेंज हो सकती है कम
BMS में खराबी आने पर बाइक की रेंज भी कम हो सकती है।
बैटरी पूरी तरह चार्ज दिखने के बावजूद बाइक पहले के मुकाबले कम दूरी तय कर सकती है। कभी-कभी बाइक अचानक बंद हो जाती है या बैटरी का प्रतिशत तेजी से ऊपर-नीचे होने लगता है।
वोल्टेज और करंट की निगरानी ठीक से नहीं होने पर मोटर को मिलने वाली बिजली भी प्रभावित हो सकती है। इससे बाइक की गति और चलने का अनुभव बदल सकता है।
सुरक्षा
बैटरी की सुरक्षा पर भी असर
BMS खराब होने की स्थिति में बैटरी की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
सिस्टम सेल्स में ज्यादा चार्ज, ज्यादा डिस्चार्ज या असामान्य तापमान जैसी स्थिति को नियंत्रित करने का काम करता है। खराब BMS यह सुरक्षा सही ढंग से नहीं दे पाए तो बैटरी के सेल खराब हो सकते हैं और उनकी उम्र घट सकती है।
ऐसी समस्या दिखने पर बैटरी खोलकर खुद जांच करने के बजाय अधिकृत सर्विस सेंटर पर जांच कराना बेहतर होता है।