क्या है राइट टू रिपेयर पोर्टल? जानिए वाहन मरम्मत में क्या हैं इसके फायदे
क्या है खबर?
वाहनों के खराब पुर्जों को ठीक करवाने के लिए ग्राहकों को कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर जाना पड़ता है। यहां मरम्मत योग्य पार्ट्स को ठीक करने के बजाय बदलने, मनमाना चार्ज लेने जैसी चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में निजी सर्विस सेंटर पर जाने पर वारंटी खत्म होने का डर रहता है। इन समस्याओं से निपटने के लिए उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने 'राइट टू रिपेयर' फ्रेमवर्क पेश किया है। आइये जानते हैं यह वाहन रखरखाव में क्या मदद करता है।
राइट टू रिपेयर
4 क्षेत्रों में काम करता है यह पोर्टल
वाहन, खेती के उपकरण, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में खराबी आने पर ठीक कराने में आने वाली समस्या को देखते हुए सरकार ने 2023 में 'राइट टू रिपेयर' फ्रेमवर्क पेश किया। इसके तहत इन क्षेत्रों से जुड़ी निर्माता कंपनियों को पोर्टल पर अपने उत्पाद और उसमें इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स की विस्तृत जानकारी के साथ उनके रिपेयर की सुविधा के बारे में बताने के लिए कहा गया है। साथ ही मरम्मत वाजिब खर्च में कराने का अधिकार देता है।
फायदा
क्या है इसके फायदे?
इसकी मदद से ग्राहक किसी पार्ट्स के लिए सर्विस आउटलेट पर निर्भर रहने के बजाय अपनी कार-बाइक की मरम्मत किसी भी मैकेनिक से करवा सकते हैं। कंपनियाें को पार्ट्स की कीमतें पोर्टल पर जारी करना अनिवार्य किया है, जिससे आप कहीं भी उतने पैसे देकर मरम्मत करवा सकते हैं। इसमें यूजर मैनुअल गाइड देनी भी अनिवार्य है, जिससे आप छोटे-मोटे पार्ट्स खुद बदल सकते हैं। साथ ही ठीक होने योग्य पार्ट्स को जबरन बदलने पर भी रोक लगाई है।
पहुंच
ऐसे कर सकते हैं उपयोग
'राइट टू रिपेयर' फ्रेमवर्क पोर्टल तक पहुंचने के लिए आपको www.righttorepairindia.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा। यहां होमपेज पर आपको पोर्टल द्वारा कवर की जाने वाली विभिन्न उत्पाद श्रेणियों की सूची मिलेगी। इनमें कृषि उपकरण, मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक्स डिस्प्ले/डाटा स्टोरेट कंपोनेंट्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑटोमोबाइल कंपनियों द्वारा बनाये जाने वाले पार्ट्स से जुड़ी जानकारी होगी। यहां आप कंपनी का चयन कर मॉडल्स और पुर्जों की मरम्मत से जुडी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस पर हीरो मोटोकॉर्प, होंडा समेत कई कंपनियां रजिस्टर्ड हैं।