बाइक में ABS और CBS में क्या होता है अंतर?
क्या है खबर?
बाइक चलाते समय अचानक ब्रेक लगाने की जरूरत कभी भी पड़ सकती है। ऐसे में पहियों का फिसलना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इसी खतरे को कम करने के लिए आजकल कई बाइकों में ABS और CBS जैसी तकनीक दी जाती हैं। दोनों का उद्देश्य ब्रेक लगाते समय बाइक को सुरक्षित रखना है, लेकिन इनके काम करने का तरीका अलग होता है। इसलिए बाइक खरीदने से पहले इनका अंतर समझना जरूरी है।
#1
ABS क्या है और कैसे करता है काम?
ABS का पूरा नाम एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम है।
यह तेज ब्रेक लगाने पर पहियों को पूरी तरह लॉक होने से बचाता है। जब सेंसर को लगता है कि कोई पहिया रुकने वाला है, तो सिस्टम ब्रेक का दबाव अपने आप कम और ज्यादा करता है।
इससे पहिया घूमता रहता है और बाइक पर नियंत्रण बना रहता है। गीली सड़क या अचानक ब्रेक लगाने पर ABS काफी मददगार साबित होता है।
#2
CBS क्या है और कैसे करता है काम?
किसी बाइक में CBS यानी कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम बाइक के आगे और पीछे वाले ब्रेक को आपस में जोड़कर काम करता है।
राइडर जब एक ब्रेक दबाता है, तो सिस्टम दूसरे पहिए पर भी कुछ ब्रेकिंग दबाव भेज सकता है। इससे दोनों पहियों पर ब्रेक का संतुलन बेहतर रहता है और बाइक रुकते समय स्थिर बनी रहती है।
हालांकि, CBS पहियों को लॉक होने से रोकने का काम नहीं करता है।
#3
ABS और CBS में मुख्य अंतर
ABS और CBS में सबसे बड़ा अंतर इनके काम करने का है।
ABS अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों को लॉक होने से बचाता है, जबकि CBS आगे और पीछे के ब्रेक का दबाव संतुलित करता है। ABS तेज रफ्तार और फिसलन वाली सड़क पर ज्यादा सुरक्षा देता है।
CBS सामान्य रफ्तार में ब्रेकिंग को आसान बनाता है। इसलिए बेहतर सुरक्षा के लिए ABS वाली बाइक को प्राथमिकता देना समझदारी हो सकती है।