कार की बैटरी कमजोर होने के क्या होते हैं शुरुआती संकेत?
क्या है खबर?
कार की बैटरी अचानक खराब नहीं होती, बल्कि पहले ही कई छोटे संकेत देने लगती है। अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो रास्ते में कार बंद होने या महंगे रिपेयर से बचा जा सकता है। बैटरी कमजोर होने का असर कार स्टार्ट होने, लाइट और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर भी दिखाई देने लगता है। ऐसे में थोड़ी सावधानी, नियमित जांच और समय पर देखभाल आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
#1
स्टार्ट होने में देरी और लाइट का धीमा होना
अगर कार स्टार्ट करने पर इंजन सामान्य से ज्यादा समय ले रहा है या सेल्फ कमजोर महसूस हो रही है, तो यह बैटरी कमजोर होने का शुरुआती संकेत हो सकता है।
इसके अलावा, हेडलाइट, केबिन लाइट या डैशबोर्ड की रोशनी पहले की तुलना में हल्की दिखाई दे, तब भी बैटरी की जांच करानी चाहिए।
ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करना आगे चलकर बड़ी खराबी और अतिरिक्त खर्च की वजह बन सकता है।
#2
वार्निंग लाइट दिखे तो तुरंत जांच कराएं
अगर डैशबोर्ड पर बैटरी से जुड़ी वार्निंग लाइट जलने लगे, तो इसे सामान्य बात समझकर नजरअंदाज न करें।
कई बार बैटरी के टर्मिनल पर जंग जमने या चार्जिंग सिस्टम में खराबी की वजह से भी ऐसी समस्या आ सकती है।
समय रहते सर्विस सेंटर पर जांच कराने से बैटरी की सही स्थिति का पता चल जाता है और समय पर जरूरी मरम्मत भी आसानी से कराई जा सकती है।
#3
नियमित देखभाल से बढ़ेगी बैटरी की उम्र
बैटरी को लंबे समय तक सही रखने के लिए समय-समय पर टर्मिनल साफ करें और जरूरत पड़ने पर चार्जिंग की जांच कराएं।
लंबे समय तक कार खड़ी रखने से भी बैटरी कमजोर हो सकती है, इसलिए बीच-बीच में कार स्टार्ट करते रहें।
अगर बैटरी अपनी तय उम्र पूरी कर चुकी है, तो समय रहते उसे बदल देना बेहतर होता है, जिससे सफर हमेशा सुरक्षित और बिना रुकावट के पूरा किया जा सके।