फॉक्सवैगन ने भारत में EV निवेश रोका, जानिए क्या है इसकी वजह
क्या है खबर?
फॉक्सवैगन ने भारत में अपने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) प्रोग्राम में निवेश रोक दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कंपनी अभी JSW समूह के साथ प्रस्तावित साझेदारी को लेकर स्पष्टता का इंतजार कर रही है। उसने चीन के लिए विकसित किए गए एक कम लागत वाले प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके भारत के हिसाब से एक EV का शुरुआती डिजाइन तैयार कर लिया है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट में और पैसा लगाने से पहले एक स्पष्ट बिजनेस प्लान का इंतजार कर रही है।
योजना
लागत कम करने की योजना
खबरों के अनुसार, यह फैसला कंपनी की वैश्विक स्तर पर लागत कम करने की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है।
फिलहाल, फॉक्सवैगन को यूरोप में कमजोर मांग और चीनी वाहन निर्माताओं से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही निवेशकों की ओर से भी मुनाफा बढ़ाने का दबाव है।
कंपनी अपने निवेश में लगभग 15 प्रतिशत की कटौती करने और लागत कम करने के लिए हजारों नौकरियों को खत्म करने की योजना बनाई है।
साझेदारी
कंपनी को भारतीय साझेदार की तलाश
कंपनी ने पिछले साल भारत में एक स्थानीय साझेदार की तलाश के दौरान ही यहां EVs को विकसित करने की लागत को लगभग एक-तिहाई तक कम करने का फैसला कर लिया था।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ बातचीत विफल होने के बाद फॉक्सवैगन लगभग 2 साल से विकास लागत साझा करने के लिए किसी भारतीय साझेदार की तलाश कर रही है।
इस मौजूदा ठहराव का मतलब यह नहीं है कि उसने भारत में अपना EV प्रोग्राम रद्द कर दिया है।