पुरानी कार की घट जाएगी रीसेल वैल्यू, कभी न करें ये गलतियां
क्या है खबर?
कई बार आपकी मौजूदा कार को चलाने का खर्चा इतना बढ़ जाता है कि आपको उसे अलविदा कहना ही सही लगने लगता है। जब आप अपनी कार बेचने की तैयारी शुरू करते हैं तो सबसे महत्वपूर्ण सवाल जो मन में आता है वो इसकी रीसेल वैल्यू से जुड़ा होता है। कई बार आप ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो कीमत पर बुरा असर डालती हैं। आइये जानते हैं कौनसी गलतियाें से बचना चाहिए, जो रीसेल वैल्यू को अधिकतम कर सकें।
#1
एक्सटीरियर और इंटीरियर का खराब रखरखाव
आपकी यूज्ड कार का एक्सटीरियर और इंटीरियर संभावित खरीदारों पर गहरा प्रभाव डालता है। भले ही कार बिना किसी मैकेनिकल समस्या के सुचारू रूप से चल रही हो, लेकिन अगर उसके बाहरी हिस्से पर डेंट और खरोंच हैं तो खरीदारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना तय है। इसी तरह, गंदे फुट मैट, फीका डैशबोर्ड और दागदार सीट्स वाला गंदा इंटीरियर आपके रखरखाव के रिकॉर्ड के बारे में खराब संकेत देता है। इसी को देखकर आपकी डील आगे बढ़ती है।
#2
सर्विस हिस्ट्री या मेंटेनेंस रिकॉर्ड न होना
आप कार निर्माता की सलाह के अनुसार, सर्विस और मेंटेनेंस शेड्यूल का पूरी तरह पालन करते हैं। इसका रिकॉर्ड नहीं रखते हैं तो संभावित खरीदार को यह विश्वास दिलाना मुश्किल हो सकता है कि आपने वाकई अपनी कार का अच्छे से ख्याल रखा है। यह गाड़ी की रीसेल वैन्यू घटा सकता है। यह आपको गाड़ी को एक्सचेंज करने पर अच्छा सौदा दिला सकता है। किसी अप्रिय स्थिति में बीमा कंपनी या निर्माता से हर्जाना क्लेम करने में भी मदद करेगा।
#3
अनुपयोगी एक्सेसरीज जोड़ना
कई लोग सिर्फ दिखावे के लिए या कार को और भी आकर्षक बनाने के लिए लगातार एक्सेसरीज जोड़कर सजाते हैं। इससे गाड़ी की कीमत बढ़ती जाएगी। बेचते समय आप एक्सेसरीज पर खर्च किए गए पैसे वसूलने के लिए ऊंची कीमत वसूलने की कोशिश करेंगे। इससे समस्या खड़ी हो जाएगी, क्योंकि सेकंड-हैंड कार खरीदने वाले लोग दिखावे के लिए बल्कि जरूरत के लिए सस्ता विकल्प खोजते हैं। ज्यादा कीमत आपके सौदे पर बुरा असर डाल सकती है।