ऑटोमोबाइल की नहीं विमानों की देन हैं कारों की ये तकनीकें, जानिए कब हुईं शामिल
क्या है खबर?
आधुनिक और लग्जरी कारों में अब विमानों में मिलने वाली कई एडवांस तकनीकें और सुविधाएं शामिल हो चुकी हैं। इसके बीच रिश्ता बहुत पुराना है, जिसकी जड़ें 20वीं सदी की शुरुआत में जमी थी। अब कार निर्माता ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग और एयरोस्पेस डिजाइन के बीच की दूरी को तेजी से कम कर रहे हैं। हेड-अप डिस्प्ले से लेकर एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम तक जैसी कई सुविधाएं विमान उद्योग की देन हैं। आइये जानते हैं कारों में विमानों से कौन-कौनसी तकनीकें मिलती हैं।
HUD
हेड-अप डिस्प्ले और नाइट-विजन सिस्टम
कारों में हेड-अप डिस्प्ले (HUD) ड्राइवरों के लिए सड़क पर ध्यान केंद्रित रखने और जानकारी प्राप्त करने में सहायता करता है। यह तकनीक 1960 के दशक से ही सैन्य विमानन में उपयोग हो रही है। दूसरी तरफ नाइट-विजन सिस्टम रात के समय ड्राइविंग को आसान बनाता है। इसका उपयोग 1960 के दशक से ही सैन्य विमानों में किया जाता रहा है। यह सुविधा बहुत कम कारों में मिलती है। पहली बार इसे 2000 में कैडिलैक डेविले में लगाया गया था।
GPS
ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS)
आधुनिक कारों में आम हो चुकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) सुविधा अब एंड्रॉयड ऑटो/ऐपल कारप्ले के आने के बाद और भी आसानी से उपलब्ध हो गई है। इसका पहली बार इस्तेमाल 1970 के दशक में सैन्य विमानों में हुआ था। फिर सितंबर, 1983 में इसका उपयोग वाणिज्यिक विमानों में किया गया। इसके बाद 1990 में कारों में इसका उपयोग शुरू हुआ, जो आज नेविगेशन के लिए कारों में सबसे उपयोगी सुविधा बन गई है।
ABS
कहां से आया ABS और ESC?
एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS): एंटी-स्किड सिस्टम से लैस पहला विमान 1940 के दशक में बोइंग B-47 बॉम्बर था। इसके बाद एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) 1960 के दशक के अंत में जाकर ही उत्पादन कारों में शामिल हो पाया। आधुनिक ABS को 1978 में S-क्लास के साथ पेश किया गया। इलेक्ट्राॅनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC): यह फीचर 1950 में लड़ाकू विमानों और मिसाइलों में पहली बार पेश किया गया। ESC वाली पहली उत्पादन कार 1995 में मर्सिडीज-बेंज S600 कूपे थी।
एयरोडायनामिक्स
वायु प्रतिरोध कम करने के लिए मिली तकनीक
एक्टिव एयरोडायनामिक्स: कारों में मिलने वाले स्पॉइलर विमानों के विंग स्पॉइलर से प्रेरित हैं। पहली फंक्शनल फ्रंट स्पॉइलर वाली प्रोडक्शन कार 1984 की अल्फा रोमियो 90 थी, जिसमें फ्रंट-एंड डाउनफोर्स और ईंधन दक्षता बढ़ाने में मदद मिली। वर्टेक्स जनरेटर: यह तकनीक विमान के क्रिटिकल एंगल ऑफ अटैक या कम गति पर पहुंचने पर लिफ्ट को बढ़ाता है। इस सुविधा को पहली बार मित्सुबिशी लांसर EVO 8 MR में शामिल किया गया। यह वायु प्रतिरोध को कम करता है।