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पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से CNG, EV और हाइब्रिड गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री
जून में CNG, EV और हाइब्रिड गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री हुई है

पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से CNG, EV और हाइब्रिड गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री

Jul 06, 2026
06:31 pm

क्या है खबर?

भारत के पैसेंजर व्हीकल (PV) बाजार में वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की ओर एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। इनमें कम्प्रैस्ड नेचुरल गैस (CNG), इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) और हाइब्रिड वाहन शामिल हैं। यह बदलाव पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से आया है, जिससे ग्राहकों को सोचने के लिए मजबूर होना पड़ा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, जून में कारों की खुदरा बिक्री में इन वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 40.4 फीसदी रही।

वजह 

इस कारण बदला ग्राहकों का नजरिया 

बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि ग्राहकों के खरीदने के फैसलों पर संचालन लागत का असर बढ़ रहा है। ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बाद भारत ने मई में कई बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाईं। इससे तेल मार्केटिंग कंपनियों को आयात की बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ा, जिससे इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाली गाड़ियों की तुलना में CNG, हाइब्रिड और EV की चलने की लागत का फायदा और बढ़ गया।

हिस्सेदारी 

किस फ्यूल विकल्प की ज्यादा रही हिस्सेदारी?

FADA के अनुसार, जून में कारों की बिक्री में CNG मॉडल्स का हिस्सा सबसे ज्यादा 24.3 फीसदी, हाइब्रिड कारों का 8.3 फीसदी और बैटरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों (BEVs) का 7.8 फीसदी रहा। इन सभी वैकल्पिक ईंधन वाली तकनीकों ने मिलकर भारत के ऑटोमोटिव इतिहास में पहली बार 40 फीसदी का आंकड़ा पार किया। यह ट्रेंड दिखाता है कि ग्राहक अब ईंधन के खर्च में लंबे समय तक बचत के लिए शुरुआती कीमत पर समझौता करने को तैयार हैं।

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फायदा 

इस कंपनी को हुआ सबसे ज्यादा फायदा 

देश की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी मारुति सुज़ुकी को इस बदलाव से सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। ईंधन की कीमतें बढ़ने के बाद कंपनी ने अपने CNG मॉडल की बुकिंग में 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की। दूसरी कार कंपनियां भी ज्यादा माइलेज देने वाले मॉडल लॉन्च करने की अपनी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। यह बदलाव सिर्फ पैसेंजर कारों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दोपहिया वाहनों पर भी लागू होता है।

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दाेपहिया वाहन 

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को भी मिला बढ़ावा 

FADA के आंकड़ों से पता चलता है कि जून में दोपहिया वाहन की खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 21.2 फीसदी बढ़कर 18 लाख हो गई। इसकी वजह ग्रामीण इलाकों में मजबूत मांग और ग्राहकों के बेहतर होते सेंटीमेंट रहे। खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ने एक अहम मुकाम हासिल किया है। इनकी बाजार हिस्सेदारी पहली बार 10.6 फीसदी के साथ दो अंकों के आंकड़े को पार कर गया।

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