दिल्ली में जल्द शेयर टैक्सी के रूप में चलेंगे निजी इलेक्ट्रिक वाहन, सरकार ने दी अनुमति
क्या है खबर?
दिल्ली सरकार ने निजी स्वामित्व वाली इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को शेयर टैक्सी के रूप में चलाने की अनुमति देने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। दूसरी तरफ कैब एग्रीगेटर्स एक महीने के भीतर महिला चालकों सहित शेयर सवारी सेवा शुरू करेंगे। यह निर्णय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और ऑटोमोबाइल निर्माताओं, ओला और उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में लिया गया। इसका उद्देश्य राजधानी में EV को सार्वजनिक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित करना है।
सुझाव
कंपनियाें ने दिया यह सुझाव
कंपनियों ने निजी इलेक्ट्रिक वाहनों और BS-VI मानकों वाले वाहनों को टैक्सी के रूप में शामिल करने की इच्छा जताई है, लेकिन कहा है कि इस बदलाव के लिए मौजूदा नियमों में संशोधन की आवश्यकता होगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऑटोमोबाइल निर्माताओं, ओला और उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के साथ बैठक की और रिंग रोड पर शटल सेवा शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कंपनियों को आश्वासन दिया कि नियमों में जल्द ही आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
प्रदूषण
प्रदूषण कम करने के लिए उठाने हाेंगे ये कदम
मुख्यमंत्री ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े उपायों पर जोर दिया और ई-रिक्शा को अपने प्लेटफॉर्म में एकीकृत करने और रिंग रोड, हवाई अड्डे से आने-जाने के लिए शटल सेवाएं संचालित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण पर स्थायी नियंत्रण केवल सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करके ही हासिल किया जा सकता है। वाहन निर्माताओं ने सुझाव दिया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए EVs की व्यापक तैनाती और जन-केंद्रित EV नीति की आवश्यकता होगी।