पेट्रोल संकट: फ्लेक्स-फ्यूल कारों पर GST घटाने की उठी मांग, जानिए क्या होगा फायदा
क्या है खबर?
खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध ने आयातित पेट्रोलियम ईंधन पर भारत की निर्भरता को कम करने का मुद्दा फिर चर्चाओं में आ गया है। सूत्रों के अनुसार, वैकल्पिक ईधन से संचालित वाहनों पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) को कम करने के लिए उद्योग जगत का दबाव भी बढ़ रहा है। कच्चे तेल की आपूर्ति में अस्थिरता के बीच सरकार ऊर्जा सुरक्षा रणनीतियों पर अगली GST परिषद की बैठक में चर्चा होने की संभावना है।
मांग
कितनी GST घटाने की मांग?
इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने मनीकंट्रोल को बताया "उद्योग जगत सरकार से फ्लेक्स-फ्यूल कारों पर GST कम करने की मांग कर रहा है, ताकि वे अधिक किफायती हो सकें और उनका प्रचलन बढ़ सके।" साथ ही यह बताया है कि वर्तमान में वाहन श्रेणी के आधार पर GST 18 से 40 प्रतिशत के बीच है और उद्योग इसे घटाकर लगभग 5 प्रतिशत करने की मांग कर रहा है।
आवश्यकता
इस कारण जरूरी है टैक्स में कटौती
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रित ईंधन से चलती हैं। वर्तमान में पारंपरिक मॉडल्स की तुलना में थोड़े अधिक महंगे हैं, क्योंकि उच्च इथेनॉल मिश्रण को संभालने के लिए अतिरिक्त इंजन और कं सामग्री की आवश्यकता होती है। उन्होंने आगे कहा, "इस प्रस्ताव का उद्देश्य फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के स्वामित्व की कुल लागत को कम करना है, जो वर्तमान में थोड़े महंगे हैं। कम GST से उपभोक्ताओं को इन्हें अपनाने में मदद मिलेगी और इथेनॉल-आधारित परिवहन के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।"