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अक्टूबर से कारों में AC के साथ होगा माइलेज परीक्षण, जानिए क्या है वजह
अक्टूबर से कारों में AC चालू करके माइलेज का परीक्षण करना अनिवार्य होगा

अक्टूबर से कारों में AC के साथ होगा माइलेज परीक्षण, जानिए क्या है वजह

Jan 18, 2026
07:22 pm

क्या है खबर?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ग्राहकों को सही माइलेज आंकड़े प्रदान करने के उद्देश्य से एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम चालू और बंद दोनों स्थितियों में कारों की ईंधन दक्षता का अनिवार्य परीक्षण करने का प्रस्ताव दिया है। यह 1 अक्टूबर या इसके बाद भारत में निर्मित या आयातित यात्री कारों (M1 श्रेणी) पर लागू होगा, जिसमें आंतरिक दहन इंजन (ICE) मॉडल्स के साथ इलेक्ट्रिक कार भी शामिल है। मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर जनता से प्रतिक्रिया मांगी है।

प्रस्ताव 

इस तरह से होगा अब परीक्षण 

मसौदा अधिसूचना के अनुसार, गाड़ियों का AIS-213 मानकों के अनुसार समय-समय पर संशोधित रूप में एयर कंडीशनिंग सिस्टम चालू होने पर ईंधन खपत के मापन के लिए परीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अब कार निर्माताओं और आयातकों को वाहन के यूजर मैनुअल और अपनी वेबसाइट्स पर AC के उपयोग के साथ और बिना AC के माइलेज के आंकड़े सार्वजनिक करने होंगे। वर्तमान में AC बंद करके किए गए परीक्षणों के आधार पर आंकड़े घोषित करते हैं।

उद्देश्य 

क्या है इस बदलाव का उद्देश्य?

अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य वास्तविक ड्राइविंग स्थितियों को बेहतर ढंग से दर्शाना है, क्योंकि AC के उपयोग का ईंधन खपत और ऊर्जा दक्षता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि इसके बिना घोषित माइलेज के आंकड़े अक्सर ग्राहकों को मिलने वाले वास्तविक प्रदर्शन से भिन्न होते हैं। परीक्षण के लिए ईंधन खपत और उत्सर्जन को मापने के लिए विस्तृत प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं, जिसमें AC द्वारा उत्पन्न अतिरिक्त भार को भी ध्यान में रखा है।

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