मारुति सुजुकी कारों की ट्रेनों से डिलीवरी 30 लाख के पार
क्या है खबर?
मारुति सुजुकी ने भारतीय रेलवे के माध्यम से 30 लाख से अधिक कारों की डिलीवरी का आंकड़ा पार कर लिया है। यह हरित लॉजिस्टिक्स यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कंपनी ने कहा कि यह पूरे भारत में पर्यावरण के अनुकूल और रेल आधारित वाहन परिवहन पर उसके बढ़ते फोकस को दर्शाता है। ट्रेन के माध्यम से भेजी गई गाड़ियों का हिस्सा वित्त वर्ष 2014-15 के 5 फीसदी से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 26.5 फीसदी हो गया है।
बढ़ोतरी
10 लाख की डिलीवरी में लगे 21 महीने
कार निर्माता ने यह भी कहा कि ट्रेन के माध्यम से भेजे गए वाहनों की कुल संख्या 20 लाख से बढ़कर 30 लाख तक पहुंचने में केवल 21 महीने लगे। मारुति सुजुकी ने खुलासा किया है कि उसने समर्पित हरित लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में 1,372 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इसमें हंसलपुर (गुजरात) और मानेसर (हरियाणा) स्थित कारखानों में रेलवे साइडिंग का विकास, लॉजिस्टिक्स हब में रेल यार्ड, विशेष ऑटोमोबाइल रेक की खरीद आदि शामिल हैं।
सेवा
600 शहरों में ट्रेन से पहुंती है डिलीवरी
मारुति वर्तमान में भारत की पहली और एकमात्र कार निर्माता है, जो अपने 2 प्लांट के भीतर रेलवे साइडिंग संचालित करती है। हंसलपुर और मानेसर रेलवे साइडिंग की संयुक्त डिलीवरी क्षमता लगभग 7.5 लाख वाहन प्रति वर्ष है। ये दोनों फैक्ट्री मिलकर हब-एंड-स्पोक परिवहन मॉडल का उपयोग करते हुए 22 लॉजिस्टिक्स हब के माध्यम से 600 से अधिक शहरों को सेवा प्रदान करती हैं। मुंद्रा और पिपावाव जैसे निर्यात बंदरगाह भी रेल मार्ग से जुड़े हुए हैं।