नई कार खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव में इन बातों को जरूर करें चेक
क्या है खबर?
नई कार खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव करना बेहद जरूरी माना जाता है। केवल कार का डिजाइन या फीचर्स देखकर फैसला लेना सही नहीं होता। टेस्ट ड्राइव के दौरान कार की परफॉर्मेंस, आराम और ड्राइविंग अनुभव को अच्छी तरह समझा जा सकता है। इससे यह भी पता चलता है कि कार आपकी जरूरत और ड्राइविंग शैली के अनुसार सही है या नहीं। कुछ जरूरी बातों की जांच जरूर करनी चाहिए, ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े।
#1
इंजन, ब्रेक और स्टीयरिंग जरूर जांचें
टेस्ट ड्राइव के दौरान सबसे पहले इंजन स्टार्ट होने की आवाज पर ध्यान दें। ड्राइव करते समय कार की पिकअप, गियर बदलने में आसानी और ब्रेक की पकड़ को अच्छी तरह जांचें। स्टीयरिंग हल्का और संतुलित महसूस होना चाहिए। अगर कार किसी एक तरफ खिंचती है या ब्रेक लगाते समय कंपन महसूस होता है, तो इसकी जानकारी तुरंत डीलर से लें और कारण जरूर पूछें। इसके साथ ही एक्सीलेरेशन और इंजन की आवाज पर भी विशेष ध्यान दें।
#2
सस्पेंशन और आराम का अनुभव करें
कार को खराब सड़क, स्पीड ब्रेकर और मोड़ों पर भी चलाकर देखें। इससे सस्पेंशन की गुणवत्ता और झटके सहने की क्षमता का पता चलता है। सीट की आरामदायक स्थिति, ड्राइविंग पोजिशन, बाहर का विजिबिलिटी एंगल और केबिन के अंदर आने वाली आवाज भी जांचें। साथ ही HC, टचस्क्रीन, कैमरा और दूसरे जरूरी फीचर्स सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, यह भी ध्यान से देखकर पूरी तरह संतुष्ट हो जाएं।
#3
जल्दबाजी में फैसला बिल्कुल न करें
टेस्ट ड्राइव के दौरान सवाल को पूछने में हिचकिचाएं नहीं। कार को शहर की सड़क और अगर संभव हो तो हाईवे पर भी चलाकर देखें। अलग-अलग गति पर उसकी स्थिरता और कंट्रोल का अनुभव करें। अगर किसी बात को लेकर संदेह हो तो दूसरी बार भी टेस्ट ड्राइव ले सकते हैं। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही कार खरीदने का अंतिम फैसला लेना सबसे बेहतर माना जाता है। इससे भविष्य में पछतावे और अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं।