गाड़ी को चमकदार बनाने के लिए क्या PPF लगवाना सही? जानिए इसके फायदे-नुकसान
क्या है खबर?
नई कार की चमक को बरकरार रखना मुश्किल होता है। हर छोटी-छोटी घटना में स्क्रैच आने का खतरा रहता है, जिससे आपकी कार पुरानी जैसे लगती है। आपकी इस समस्या का समाधान पेंट प्रोटेक्शन फिल्म (PPF) एक काफी लोकप्रिय विकल्प है, जिसे बहुत सारे लोग अपनी गाड़ियों पर लगवाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह वाकई जरूरी है या नहीं? आइए जानते हैं PPF लगवाने के फायदे और नुकसान क्या हैं।
PPF
क्या होती है PPF कोटिंग?
यह एक पारदर्शी और मजबूत पॉलीयूरेथेन कोट होती है, जिसे कार के बाहरी पेंट पर चढ़ाया जाता है। यह एक अदृश्य सुरक्षा कवच की तरह काम करती है।
यह फिल्म ऐसे मजबूत सामग्री से बनी होती है, जो रसायन, पराबैंगनी विकिरण और खराब मौसम का सामना कर सकती है।
वैक्स या सिरेमिक कोटिंग के उलट PPF एक परतदार और लचीली फिल्म होती है, जो झटकों को सह सकती है और पेंट को खराब होने से बचा सकती है।
फायदे
इस कोटिंग के हैं ये फायदे
PPF सड़क पर उड़ने वाले छोटे पत्थरों, झाड़ियों या चाबी से लगने वाले हल्के स्क्रैच से पेंट को सुरक्षित रखती है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर, इस पर हल्की खरोंच आती है, तो ये धूप या हल्की गर्मी मिलने पर खुद ठीक हो जाता है।
यह धूप से कलर को फीका नहीं पड़ने देती। इस पर धूल-मिट्टी कम टिकती है और दाग-धब्बों को साफ करना बहुत ही आसान हो जाता है।
नुकसान
कोटिंग के क्या हैं नुकसान?
इस कोटिंग कराना बहुत ही खर्चीला होता है। यह एक पूरी कार पर इस लगवाने का खर्च 50,000 रुपए से लेकर 1.5 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकता है।
अगर, इसे सही तरीके से न लगाया जाए तो फिल्म के अंदर बबल्स बन सकते हैं, जिससे गाड़ी का लुक पूरा खराब हो सकता है।
दुर्घटना में गाड़ी का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त होता है तो उस पूरे पैनल की PPF शीट को फिर से नया लगाना पड़ता है।