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क्या बाढ़ के पानी में डूब गई कार? जानिए कैसे मिलेगा बीमा क्लेम
बीमा पॉलिसी से बाढ़ के पानी में डूबी कार के नुकसान की भरपाई होती है

क्या बाढ़ के पानी में डूब गई कार? जानिए कैसे मिलेगा बीमा क्लेम

Aug 02, 2026
05:46 pm

क्या है खबर?

मानसून के दौरान भारी बारिश कार मालिकों को तगड़ा झटका दे जाती है। पानी में डूबने के कारण उन्हें मरम्मत का भारी खर्चा उठाना पड़ता है। ऐसे में उनके मन में सवाल खड़ा होता है कि क्या उनकी बीमा पॉलिसी इस नुकसान की भरपाई करेगी। इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास किस तरह की पॉलिसी है और नुकसान असल में किस वजह से हुआ है। आइए जानते हैं बीमा पॉलिसी के नियम क्या कहते हैं।

पॉलिसी 

क्लेम के लिए कौनसी पॉलिसी चाहिए?

अगर आपकी कार पर सिर्फ थर्ड-पार्टी कवर है तो बाढ़ या किसी और वजह से कार को नुकसान होने पर पैसे मिलने की उम्मीद न रखें।

भारत में यह कवर जरूरी है, लेकिन यह सिर्फ किसी दूसरे व्यक्ति, उसकी प्रॉपर्टी या गाड़ी को हुए नुकसान की भरपाई करता है।

बाढ़, भारी बारिश या पानी भरने की वजह से कार को हुए नुकसान के लिए क्लेम करने के लिए आपको 'ओन डैमेज पॉलिसी' या 'कॉम्प्रिहेंसिव मोटर पॉलिसी' की जरूरत होगी।

फायदा 

कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में क्या होता है कवर?

कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में बाढ़, तूफान, जमीन खिसकने और पानी भरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान शामिल होते हैं।

इसलिए, अगर आपकी खड़ी कार को बाढ़ का पानी घुसने या तूफान में पेड़ गिरने से नुकसान पहुंचता है तो आमतौर पर मरम्मत का खर्च कवर किया जाता है।

हालांकि, कई क्लेम में तब दिक्कत आती है जब पानी सड़क पर भरने के बाद कुछ होता है। पानी का लेवल बढ़ जाने के बाद भी आप गाड़ी चला रहे हैं।

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अड़चन 

इस तरह के नुकसान से आ सकती है अड़चन 

अगर पानी इंजन में घुस जाए और अंदरूनी नुकसान पहुंचाए तो इंश्योरेंस कंपनी यह जांच सकती है कि क्या नुकसान कॉन्सिक्वेंशियल डैमेज (किसी घटना के बाद होने वाला नुकसान) की वजह से हुआ है।

स्टैंडर्ड मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में कॉन्सिक्वेंशियल नुकसान कवर नहीं होता है। यहीं पर इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन जरूरी हो जाता है।

यह पानी से इंजन को हुए नुकसान का खर्च उठा सकता है। इसके बिना इंजन के पार्ट्स को ठीक करना या बदलना महंगा पड़ सकता है।

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सावधानी 

नुकसान होने पर यह करें 

आपकी गाड़ी बाढ़ के पानी में बंद हो जाती है तो उसे बार-बार चालू करने की कोशिश न करें। इसके बजाय, पास के अधिकृत गैराज में ले जाकर तुरंत इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करें।

अगर, गाड़ी को टो करवाने से पहले उसकी और उसके आस-पास की तस्वीरें ले लेते हैं तो क्लेम प्रोसेस करते समय सबूत के तौर पर काम आएंगे।

अगर, सर्वेयर से गाड़ी का इंस्पेक्शन कराए बिना ही मरम्मत करवा ली जाए, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

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