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कैसे पलक झपकते ही खुल जाता है कार का एयरबैग? जानिए इसके फायदे
कार में एयरबैग हादसे में चोट की संभावना कम करते हैं

कैसे पलक झपकते ही खुल जाता है कार का एयरबैग? जानिए इसके फायदे

Aug 16, 2026
06:42 pm

क्या है खबर?

कारों में भले ही एक से बढ़कर एक सुरक्षा फीचर दिए जा रहे हैं, लेकिन आज भी एयरबैग दुर्घटना के समय बहुत खास सुरक्षा सुविधा मानी जाती है। हादसा होने पर यह बहुत ही कम समय में खुलकर चालक और यात्रियों की जान बचाने में मदद करता है। खास बात यह है कि एयरबैग खुलने में पलक झपकने से भी कम महज 0.03 सेकेंड का समय लगता है। आइए जानते हैं कि यह इतनी जल्दी कैसे खुल जाता है।

तकनीक

ऐसे काम करते हैं एयरबैग  

कार के सेंसर उसकी स्पीड, रफ्तार में अचानक कमी और टक्कर जैसी स्थितियों को पहचानते हैं। जब गाड़ी किसी चीज से टकराती है तो सेंसर इस बदलाव को पहचान लेते हैं।

इससे मिलने वाली जानकारी एयरबैग कंट्रोल यूनिट तक पहुंचती है, जो तय करता है कि एयरबैग खोलने की जरूरत है या नहीं।

अगर, सिस्टम टक्कर को गंभीर मानता है तो एक इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजता है। इसके बाद इंफ्लेशन मैकेनिज्म मिलीसेकेंड में गैस से एयरबैग को फुला देता है।

सुरक्षा 

हादसे के समय मिलता है यह फायदा

दुर्घटना के दौरान कार अचानक रुक सकती है और झटके के साथ अंदर बैठे लोग का सिर या छाती स्टीयरिंग व्हील, डैशबर्ड या दूसरी जगह से टकरा सकती है।

एयरबैग इस टक्कर को कम करने के लिए एक कुशन की तरह काम करता है, जो शरीर को सीधे टकरान से बचाता है।

एयरबैग खुलने के बाद इसमें मौजूद गैस बाहर निकलने लगती है और टक्कर के दौरान शरीर पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद करता है।

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फायदा 

कैसे बेहतर बनाता है सुरक्षा?

अध्ययन से पता चला है कि सीट बेल्ट लगाने वाले चालकों के मामले में आमने-सामने की टक्कर से सिर में होने वाली संभावित चोटों में से 52 फीसदी को एयरबैग रोकते हैं।

यह व्यक्ति के सिर को जरूरी कुशनिंग देता है, ताकि जानलेवा चोटों से बचा जा सके।

टक्कर के दौरान एयरबैग कार में बैठे लोगों को बाहर गिरने से रोकते हैं। बता दें कि एयरबैग के काम करने के लिए सीट बेल्ट लगा होना जरूरी होता है।

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