दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने उठाए सख्त कदम, वाहनों पर लगाए ये प्रतिबंध
क्या है खबर?
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कई उपाय करने का ऐलान किया है। इन उपायों में दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम स्टैंडर्ड वाली गाड़ियों के राजधानी में घुसने पर रोक, 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम को सख्ती से लागू करना और पार्किंग के लिए ज्यादा चार्ज वसूलना शामिल है। दरअसल, सर्दियों के मौसम में दिल्ली NCR में प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे लोगों का दम घुटने लगता है।
प्रतिबंध
दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे ऐसे वाहन
इन उपायों पर दिल्ली और NCR में प्रदूषण को लेकर हुई एक एक्शन-ओरिएंटेड प्लानिंग मीटिंग में चर्चा की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने की।
इसमें लिए फैसलों के तहत 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड और BS-VI एमिशन नॉर्म्स को पूरा न करने वाले वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर रोक होगी।
हालांकि, यह नियम CNG वाहनों पर लागू नहीं होगा। दिल्ली सरकार ने यह नहीं बताया है कि यह रोक कब खत्म होगी।
जेब पर असर
दोगुना देना होगा पार्किंग शुल्क
प्रदूषण को कम करने की कवायद में निजी गाड़ियों के इस्तेमाल को कम करने के लिए दिल्ली में अधिकृत पार्किंग जगहों पर 1 नवंबर से 28 फरवरी तक पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा।
हालांकि, इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इस अतिरिक्त पार्किंग शुल्क से छूट दी जाएगी।
साथ ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के मालिकाना हक और प्रबंधन वाली पार्किंग जगहों को शुल्क में इस बढ़ोतरी से बाहर रखा जाएगा।
सख्ती
सख्ती से लागू होगा PUC
दिल्ली में (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) वाले सभी 500 पेट्रोल पंपों पर एक सख्त अभियान चलाकर 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम को और मजबूत किया जाएगा।
इसके तहत 1 अक्टूबर से सभी फ्यूल स्टेशन उन गाड़ियों को पेट्रोल या डीजल देने से मना कर देंगे, जिनके पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होगा।
साथ ही, दिल्ली सरकार ने कहा है कि अक्टूबर में लोगों को जागरूक करने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा।
बढ़ावा
सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
राजधानी में अभी 5,088 इलेक्ट्रिक बसें हैं और बेड़े में 150 और इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी। सरकार का मकसद सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' को बेहतर बनाना भी है।
गाड़ियों की भीड़ कम करने और प्रदूषण घटाने के लिए सरकार ने ट्रैफिक को सिग्नल-फ्री बनाने के मकसद से 15 जगहों की पहचान की है।
सर्दियों में कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की भी योजना है।