सरकार ने पेट्रोल में 20 फीसदी से ज्यादा इथेनॉल मिलाने से किया इनकार
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने कहा है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की मौजूदा 20 फीसदी की सीमा को बढ़ाने की उसकी कोई योजना नहीं है। भविष्य में कोई भी फैसला विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत के बाद ही लिया जाएगा। राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि सरकार ने इथेनॉल मिश्रण को E20 से ज्यादा बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया है।
लक्ष्य
5 साल पहले हासिल किया इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य
मंत्री गोपी ने संसद में लिखित जवाब में कहा, "ब्लेंडिंग का लेवल बढ़ाने के किसी भी कदम पर तभी विचार किया जाएगा, जब ऑटोमोबाइल कंपनियों, तेल मार्केटिंग कंपनियों और रिसर्च संस्थानों समेत सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन और बातचीत हो जाएगी।"
उन्होंने कहा कि भारत ने 20 फीसदी इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय समय से 5 साल पहले हासिल कर लिया। औसत ब्लेंडिंग 2013-14 में 1.53 फीसदी से बढ़कर 2025-26 में 20 फीसदी हो गई।
फायदा
सरकार ने गिनाए इथेनॉल मिश्रण के फायदे
इस प्रोग्राम का बचाव करते हुए गोपी ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से 2014-15 के बाद से विदेशी मुद्रा में 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हुई है, कच्चे तेल का आयात लगभग 316 लाख टन कम हुआ है।
गाड़ी के प्रदर्शन को लेकर उठ रही चिंताओं पर मंत्री ने कहा कि सरकार को कार निर्माताओं, ऑटोमोबाइल एसोसिएशन या ग्राहकों से E20 फ्यूल की वजह से कोई बड़ी या पक्की शिकायत नहीं मिली है।