नई कार की पहली राइड से लेकर सर्विस तक, इन बातों का रखें ध्यान
क्या है खबर?
नई कार खरीदने के बाद शुरुआती कुछ दिन उसके लिए बेहद अहम होते हैं। इस दौरान कार के इंजन, ब्रेक, टायर और दूसरे हिस्सों को सामान्य तरीके से काम करने का समय मिलता है। इसलिए नई कार को तुरंत तेज रफ्तार में चलाने या अचानक तेज ब्रेक लगाने से बचना चाहिए। ड्राइविंग करते समय कार के व्यवहार, आवाज और संकेतों पर ध्यान दें। साथ ही कंपनी की पुस्तिका में दिए शुरुआती निर्देश पढ़ें और उनका सही तरीके से पालन करें।
#1
शुरुआत में तेज रफ्तार से बचें
नई कार के शुरुआती दिनों में रफ्तार को जरूरत से ज्यादा बढ़ाने से बचें।
खासकर अगर कार में नई इंजन प्रणाली है, तो लगातार बहुत तेज गति पर चलाने के बजाय अलग-अलग सामान्य गति रखें। अचानक तेज एक्सीलेरेशन और बार-बार तेज ब्रेक लगाने से भी बचना बेहतर है।
कार चलाते समय इंजन की आवाज, गियर बदलने का तरीका और ब्रेक का व्यवहार महसूस करें। किसी असामान्य आवाज, कंपन या झटके को नजरअंदाज न करें और समय पर इसकी जांच कराएं।
#2
टायर और वजन का रखें ध्यान
नई कार में टायरों की हवा और ब्रेक की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है।
डिलीवरी के बाद टायर दबाव कंपनी द्वारा बताई गई मात्रा के अनुसार जरूर जांचें। गाड़ी में अचानक ज्यादा सामान भरने या तय क्षमता से अधिक वजन रखने से बचें।
लंबे सफर पर निकलने से पहले सभी जरूरी संकेतों और तरल पदार्थों की जांच कर लेना बेहतर है। नई कार को खराब सड़कों, गहरे गड्ढों और अनावश्यक तेज मोड़ों से बचाकर सावधानी से चलाएं।
#3
पहली सर्विस समय पर जरूर कराएं
नई कार की पहली सर्विस और रखरखाव की तारीख जरूर याद रखें।
निर्माता द्वारा बताई गई दूरी या समय के अनुसार सर्विस कराना जरूरी होता है, भले ही कार में कोई बड़ी परेशानी दिखाई न दे। डैशबोर्ड पर कोई चेतावनी संकेत आए तो उसे नजरअंदाज न करें।
कार धोते समय इंजन या इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों पर जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। नियमित सफाई, सही ईंधन और सावधान ड्राइविंग से कार लंबे समय तक बेहतर स्थिति में सुरक्षित रह सकती है।