इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, तुरंत बदलें बाइक के शॉक एब्जॉर्बर
क्या है खबर?
बाइक चलाते समय आरामदायक सफर और बेहतर कंट्रोल के लिए शॉक एब्जॉर्बर की अहम भूमिका होती है। यह सड़क के गड्ढों और झटकों का असर कम करता है, जिससे राइड सुरक्षित रहती है, लेकिन समय के साथ शॉक एब्जॉर्बर घिसने लगते हैं और उनकी क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में समय पर इन्हें बदलना जरूरी है, क्योंकि खराब शॉक एब्जॉर्बर बाइक की हैंडलिंग, ब्रेकिंग और सुरक्षा पर सीधा असर डाल सकते हैं।
#1
किन संकेतों पर समझें बदलने का समय आ गया
अगर बाइक चलाते समय छोटे गड्ढों पर भी तेज झटके महसूस होने लगें, पीछे का हिस्सा ज्यादा उछले या बाइक मोड़ते समय अस्थिर लगे, तो यह शॉक एब्जॉर्बर खराब होने का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, शॉक एब्जॉर्बर से तेल रिसना, आवाज आना या स्प्रिंग का कमजोर दिखना भी बदलाव की जरूरत बताता है। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करना सुरक्षित नहीं माना जाता है, क्योंकि इससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
#2
खराब शॉक एब्जॉर्बर से क्या हो सकते हैं खतरे
खराब शॉक एब्जॉर्बर के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ सकता है और ब्रेक लगाने के दौरान कंट्रोल कम हो सकता है। तेज रफ्तार या खराब सड़क पर फिसलने और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे टायर जल्दी घिसते हैं और दूसरे सस्पेंशन पार्ट्स पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक ऐसे शॉक एब्जॉर्बर इस्तेमाल करने से मरम्मत का खर्च भी काफी बढ़ सकता है और सफर असुरक्षित हो जाता है।
#3
कब बदलें और सही हालत में कैसे रखें?
आमतौर पर 30,000 से 50,000 किलोमीटर के बीच शॉक एब्जॉर्बर की अच्छी तरह जांच करानी चाहिए, लेकिन यह सड़क और इस्तेमाल के तरीके पर भी निर्भर करता है। सर्विस के दौरान मैकेनिक से सस्पेंशन की जांच जरूर करवाएं और तेल रिसाव या खराबी मिलने पर तुरंत बदल दें। हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले ओरिजिनल या भरोसेमंद ब्रांड के शॉक एब्जॉर्बर ही लगवाएं, ताकि बाइक की सुरक्षा और आराम दोनों लंबे समय तक बने रहें।