
ऑडी ने इलेक्ट्रिक कारों को लेकर बदली रणनीति, जानिए क्या है कारण
क्या है खबर?
ऑडी वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की घटती मांग को देखते हुए अपनी विद्युतीकरण योजना पर पुनर्विचार कर रही है।
इसके चलते उसने 2032 तक केवल इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री करने के अपने लक्ष्य को वापस ले लिया है।
उसकी 2026 में आखिरी नई पेट्रोल-संचालित कार पेश करने और 2032 तक इन्हें इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना बनाई थी।
इसके बजाय अब वह आंतरिक दहन इंजन (ICE) के जीवनकाल को लंबा करना और हाइब्रिड पोर्टफोलियो का निर्माण करना चाहती है।
बयान
ICE मॉडल्स को लेकर क्या है कंपनी की योजना?
जर्मन लग्जरी कार निर्माता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गर्नोट डोलनर ने हाल ही में एक रणनीति अपडेट में पुष्टि की कि ब्रांड उन लक्ष्यों को संशोधित कर रहा है।
इसके पीछे उन्होंने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बदलाव में उम्मीद से अधिक लग रहे समय को जिम्मेदार ठहराया है।
डोलनर ने कहा, "दहन इंजन के उत्पादन को बढ़ाने से हमारे व्यापार मॉडल को लाभ होगा। हम दहन इंजन को अंतिम संभव मिनट तक बनाना चाहते हैं।"
PHEV
प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल्स पर रहेगा जोर
Drive.com ने बताया कि हाइब्रिड कारों की बढ़ती मांग ऑडी को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर कर रही है।
प्लग-इन हाइब्रिड की बिक्री बढ़ने के साथ कंपनी का मानना है कि उसके पास दहन इंजन के उत्पादन को लंबे समय तक बढ़ाने का अवसर है।
ऑडी की योजना A5 PHEV, अगली जनरेशन की A6 और ऑडी Q3 SUV को लॉन्च करने की है। इसके अलावा हाइब्रिड-संचालित ऑडी R8 की वापसी की भी चर्चाएं जोरों पर हैं।