चीन में कारों का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉल, 43 लाख EVs को क्यों मंगवाया?
क्या है खबर?
पिछले सप्ताह चीन में इलेक्ट्रिक कारों को बड़े पैमाने पर वापस मंगाया गया। इसका मकसद मालिकों के चार्जिंग खत्म होने पर गाड़ी में ही फंस जाने के डर को दूर करना है। यह चीन में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉल है, जिसमें टेस्ला, शाओमी समेत 9 कार निर्माता कुल 43 लाख गाड़ियों को ठीक करेंगी। इससे पता चलता है कि बीजिंग अब कुछ सबसे एडवांस्ड कारों के लिए ऑटो सुरक्षा के नए मानक तय करने में आगे है।
समस्या
गाड़ियों के हैंडल के डिजाइन में दिक्कत
इस रिकॉल की वजह यह चिंता है कि कार के अंदर लगे इमरजेंसी बटन या लीवर हैं, जिनसे यात्री चार्जिंग खत्म होने पर मैनुअल रूप से दरवाजा खोल सकते हैं, उन्हें ढूंढना मुश्किल हो सकता है।
फरवरी में ऐसे बाहरी इलेक्ट्रॉनिक हैंडल पर रोक लगाने की बात कही गई थी, जिनमें दरवाजा खोलने के लिए पारंपरिक मैनुअल मैकेनिज्म नहीं होता।
टेस्ला ने ऐसे डिजाइन को लोकप्रिय बनाया था और चीन की अन्य EV कंपनियों ने भी उनकी नकल की थी।
अनदेखी
दूसरे देशों में नहीं दिया समस्या पर ध्यान
जहां अब तक ग्लोबल ऑटो सेफ्टी के मामले में अमेरिका और यूरोप के नियामक आगे रहे हैं, लेकिन इन देशों में भी दरवाजे खोलने और हैंडल से जुड़ी समस्याएं चिंता का विषय रही हैं।
हालांकि, यहां के अधिकारियों ने अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
दूसरी तरफ अब इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका चीन जल्द ही इस दिशा में नई राह दिखा सकता है।