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UAE के बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र में ड्रोन हमले से लगी आग, विकिरण का खतरा नहीं
UAE के बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र में ड्रोन हमले से लगी आग

UAE के बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र में ड्रोन हमले से लगी आग, विकिरण का खतरा नहीं

May 17, 2026
05:17 pm

क्या है खबर?

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में अल धाफरा क्षेत्र स्थित बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आंतरिक परिधि के बाहर एक विद्युत जनरेटर में ड्रोन हमले के कारण आग लग गई। इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है और किसी भी तरह के विकिरण यानी रेडिएशन का खतरा भी नहीं है। अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने रविवार को इस घटना की पुष्टि की है। आइए पूरी खबर पर नजर डालते हैं।

राहत

संयंत्र की प्रमुख प्रणालियां सामान्य रूप से कर रही काम

संघीय परमाणु विनियमन प्राधिकरण ने कहा कि संयंत्र की प्रमुख प्रणालियां सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं। बयान में संदिग्ध ड्रोन हमले के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान नहीं बताई गई। इजरायल-अमेरिका और ईरान संघर्ष के दौरान UAE में कई मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं, जिनमें वे घटनाएं भी शामिल हैं जिनके बारे में अधिकारियों का कहना है कि वे ईरान से आए थे और ऊर्जा सुविधाओं और समुद्री बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था।

समय

हमले का समय है चुनौतीपूर्ण

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब UAE एक नई पाइपलाइन परियोजना पर तेजी से काम कर रहा है जो खाड़ी देश को होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग पर निर्भर हुए बिना तेल निर्यात बढ़ाने में मदद करेगी। अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सरकारी तेल कंपनी ADNOC को परियोजना पर काम में तेजी लाने का निर्देश दिया था। नई पाइपलाइन से फुजैराह के रास्ते कंपनी की निर्यात क्षमता दोगुनी होने की उम्मीद है।

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संयंत्र

क्या है बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र?

रविवार का हमला अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान पहली बार था जब 4 रिएक्टरों वाले बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया गया था। यह संयंत्र अबू धाबी के सुदूर पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्र में स्थित है। दक्षिण कोरिया के सहयोग से UAE द्वारा निर्मित बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र की लागत 20 अरब डॉलर (लगभग 1.92 लाख करोड़ रुपये) थी और यह 2020 में चालू हुआ था। यह अरब प्रायद्वीप में पहला और एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र है।

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