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बंगाल की खाड़ी पर चीन की नजर? म्यांमार होते हुए बांग्लादेश तक आर्थिक कॉरिडोर बनाएगा
चीन म्यांमार के रास्ते बांग्लादेश तक नए आर्थिक कॉरिडोर की योजना बना रहा है

बंगाल की खाड़ी पर चीन की नजर? म्यांमार होते हुए बांग्लादेश तक आर्थिक कॉरिडोर बनाएगा

लेखन आबिद खान
Jul 02, 2026
12:46 pm

क्या है खबर?

दक्षिण एशिया में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की कई योजनाओं के बाद चीन की निगाहें अब पूर्वी भारत पर है। चीन अब म्यांमार के रास्ते बांग्लादेश से जोड़ने वाले एक आर्थिक गलियारे की योजना बना रहा है। इस परियोजना से उसे अरब सागर के बाद अब बंगाल की खाड़ी तक पहुंच मिल जाएगी। कथित तौर पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की चीन यात्रा के दौरान ये प्रस्ताव रखा गया है।

रिपोर्ट

कहां-कहां से गुजरेगा प्रस्तावित कॉरिडोर?

बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के मुताबिक, प्रस्तावित कॉरिडोर चीन के युन्नान प्रांत के कुनमिंग से शुरू होगा और म्यांमार के मांडले से होकर गुजरेगा। आगे चलकर ये यांगून और क्यौकफ्यू की ओर मुड़ते हुए अंततः सड़क और रेल मार्गों के माध्यम से बांग्लादेश के चटोग्राम और कॉक्स बाजार से जुड़ेगा। यह प्रस्ताव म्यांमार के माध्यम से चीन के युन्नान प्रांत को बांग्लादेश से जोड़ने के विचार को पुनर्जीवित करता है, लेकिन इसमें भारत शामिल नहीं है।

भारत

भारत के लिए क्यों चिंता की बात?

यह कॉरिडोर बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास चीन द्वारा अपने रणनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाता है। यह बंदरगाहों, औद्योगिक क्षेत्रों और परिवहन बुनियादी ढांचे के माध्यम से बंगाल की खाड़ी के आसपास चीन की उपस्थिति बढ़ाएगा और चीन को व्यापक हिंद महासागर क्षेत्र तक पहुंच भी प्रदान करेगा। चीन पहले ही CPEC में भारी निवेश कर चुका है और पाकिस्तान के रास्ते अरब सागर तक पहुंच प्राप्त कर चुका है।

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चीन

चीन को क्या फायदा?

यह कॉरिडोर 3 देशों से होकर गुजरने वाला एक वैकल्पिक मार्ग है, जो बंगाल की खाड़ी तक चीन की पहुंच को बेहतर बनाएगा। इसे रणनीतिक रूप से अहम मलक्का जलडमरूमध्य को दरकिनार करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों में चीनी निवेश को सुविधाजनक बना सकता है और बांग्लादेश की चीनी और दक्षिण पूर्व एशियाई बाजारों तक पहुंच में सुधार कर सकता है।

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बांग्लादेश

बांग्लादेश को क्या मिलेगा?

बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के प्रवक्ता महदी अमीन ने कहा, "इसका उद्देश्य बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का विस्तार करना, आर्थिक लेनदेन बढ़ाना और बहुस्तरीय परिवहन को और बेहतर बनाना है।" उन्होंने बताया कि चीन के साथ चटोग्राम और मोंगला बंदरगाह के आधुनिकीकरण पर भी बात हुई। उन्होंने कहा, "हम इस बात पर काम करना चाहते हैं कि मोंगला बंदरगाह को एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है जो न केवल बांग्लादेश बल्कि अन्य देशों की भी सेवा करेगा।"

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