नेतन्याहू का अमेरिका को युद्ध में घसीटने से इनकार, बोल- ईरान की परमाणु-मिसाइल निर्माण क्षमता खत्म
क्या है खबर?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ युद्ध के 20वें दिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया के साथ पहली प्रत्यक्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने जीवित होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ईरान अब परमाणु हथियार या बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण नहीं कर सकता। वह बुरी तरह तबाह हो चुका है। उन्होंने ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को शामिल करने के फैसले पर कहा कि अमेरिका अपने फैसले लेने में खुद सक्षम है, उस पर कोई दबाव नहीं बना सकता।
बयान
ईरान में परमाणु संवर्धन की क्षमता खत्म
नेतन्याहू ने कहा, "20 दिन बाद, मैं बता सकता हूं कि आज ईरान के पास यूरेनियम संवर्धन और बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन करने की कोई क्षमता नहीं। हम इनको कुचलना जारी रखेंगे। ईरान काफी कमजोर है, जबकि इजरायल क्षेत्रीय शक्ति है और कुछ लोग इसे विश्व शक्ति भी कहते हैं।" उन्होंने बताया कि जून में 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' में मिसाइल और परमाणु हथियार के बुनियादी ढांचे को नष्ट किया था, अब उनके पुर्जे बनाने वाले कारखाने नष्ट कर रहे हैं।
युद्ध
ट्रंप को कोई नहीं बता सकता कि उन्हें क्या करना चाहिए- नेतन्याहू
इजरायल पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध में शामिल करने का आरोप लग रहा है, जिस पर नेतन्याहू ने कहा, "क्या सच में कोई सोचता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप को बता सकता है कि उन्हें क्या करना चाहिए? राष्ट्रपति वही निर्णय लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के लिए अच्छा लगता है। मैंने किसी को गुमराह नहीं किया। मुझे यह समझाने की जरूरत नहीं पड़ी कि ईरान को रोकना कितना जरूरी है। वह समझते थे। उन्होंने मुझे समझाया, मैंने नहीं।"
बयान
इजरायल ने अकेले ही ईरान के गैस संयंत्र पर हमला किया- नेतन्याहू
एक दिन पहले इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने कतर के रास लफान गैस संयंंत्र पर मिसाइल दागी, जिससे ट्रंप नाराज हुए। इससे जाहिर हुआ कि इजरायल-अमेरिका के बीच हमले को लेकर समन्वय नहीं हुआ। नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संभावना को खारिज कर कहा कि गैस परिसर पर हमला इजरायल ने अकेले किया था और ट्रंप ने भविष्य में हमले रोकने को कहा है, जो हमनें स्वीकारा है।
युद्ध
होर्मुज जलडमरूमध्य और युद्ध की समयसीमा पर क्या बोले नेतन्याहू
नेतन्याहू ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान द्वारा बंद किए जाने पर कहा कि तेल और गैस के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंडाब जलडमरूमध्य के अवरोधी मार्गों की जगह वैकल्पिक मार्ग होना चाहिए। उन्होंने युद्ध की समयसीमा पर कहा कि उन्हें यह भी लगता है कि यह युद्ध लोगों की सोच से कहीं अधिक तेजी से समाप्त हो जाएगा।