
IPL 2020 से पहले भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच सीरीज़ में टीवी अंपायर देगा नो बॉल
क्या है खबर?
सौरव गांगुली जब से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष बने हैं तब से ही भारतीय क्रिकेट के लिए बड़े-बड़े फैसले ले रहे हैं।
ताज़ा खबर आई है कि BCCI ने फैसला किया है कि वो भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज़ में नो बॉल देने की जिम्मेदारी टीवी अंपायर को सौंपेगा।
इससे पहले खबर आई थी कि इंडियन प्रीमियर लीग के अगले सीज़न में नो बॉल टीवी अंपायर देगा। BCCI भारत-विंडीज़ सीरीज़ में इसका टेस्ट करना चाहती है।
पुराना मामला
IPL 2019 में नो-बॉल को लेकर मचा था बवाल
IPL में वैसे तो ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जब ऑनफील्ड अंपायरों से नो-बॉल देने और न देने के फैसलों में गलतियां हुई हैं, लेकिन पिछले सीज़न में नो-बॉल को लेकर कुछ ज्यादा ही विवाद हुआ था।
MI और RCB के बीच मैच में जब निर्णायक मौके पर अंपायर एस रवि से चूक हुई थी तो कोहली उनसे भिड़ गए थे।
वहीं चेन्नई और राजस्थान के बीच मैच में धोनी भी अंपायर के गलत फैसले पर आपा खो बैठे थे।
जानकारी
ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान के बीच पहले टेस्ट में भी हुई थी अंपायर से कई गलतियां
ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेले गए ब्रिस्बेन टेस्ट के दूसरे दिन सिर्फ दो सेशन में ही ऑनफील्ड अंपायरों से नो बॉल को लेकर 21 गलतियां हुई थी। इसके बाद से ICC भी नो बॉल के लिए विशेष अंपायर के बारे में सोच रही है।
बातचीत
यह एक नया विचार है- जयेश जॉर्ज
BCCI के संयुक्त सचिव जयेश जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए कहा कि यह एक नया विचार है। हम नई तकनीक को अपनाने के लिए पहले इसे सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "हाँ, यह विकास में एक काम है। IPL हमेशा नई चीज़ों के साथ खड़ा रहा है। हम IPL 2020 से पहले इस नई तकनीक को सुनिश्चित करना चाहते हैं।"
नो बॉल
फ्रंट फुट नो बॉल एक ग्रे क्षेत्र है-जयेश
जयेश ने कहा, "हमने अतीत में देखा है कि फ्रंट फुट नो बॉल एक ग्रे क्षेत्र है और मेरा विचार है कि तकनीक फ्रंट फुट नो बॉल का पता लगाने के लिए मदद कर सकती है। इसीलिए भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच सीरीज़ में इसका व्यापक परीक्षण किया जा रहा है।"
उन्होंने आगे कहा कि हम इस सीरीज़ में अपने साथियों के टीवी निगरानी में नो बॉल जांचने के डेटा पर बात करेंगे और फिर भविष्य में आगे फैसला लेंगे।
विश्व कप
विश्व कप 2019 के दौरान भी हुई थी चूक
विश्व कप 2019 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मुकाबले में एक ही ओवर में अंपायर से तीन गलतियां हुई थीं।
पहले तो क्रिस गेल को बिना बल्ले का किनारा लगे कैच आउट दिया गया और फिर उन्हें पगबाधा आउट दिया गया।
दोनों ही मौकों पर गेल ने रीव्यू लिया और नॉट आउट करार दिए गए।
जिस गेंद पर गेल आउट हुए उसके पहले वाली गेंद बड़ी नो-बॉल थी जिसे अंपायर पकड़ने में असफल रहे।
बयान
फ्रंट फुट पर ध्यान ही नहीं देते अंपायर्स- रिकी पोंटिंग
IPL में दिल्ली कैपिटल्स के कोच और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग का मानना है कि ऑनफील्ड अंपायर्स अपने निर्णय को लेकर ज़्यादा चिंतित रहते हैं और उनका ध्यान फ्रंट फुट पर रहता ही नहीं है।
पोंटिंग ने कहा था, "जब आप वीडियो रीप्ले देखेंगो तो गेंदबाज़ केवल लाइन ही क्रॉस नहीं कर रहा है बल्कि वे 4-5 इंच आगे हैं। ऐसे में लगता है कि अंपायर्स आगे देखने के चक्कर में फ्रंट फुट पर ध्यान ही नहीं देते हैं।"
लेखक के विचार
नो बॉल के लिए होना चाहिए विशेष अंपायर
हमारा मानना है कि नो बॉल के लिए विशेष अंपायर होना चाहिए। ऑनफील्ड अंपायरों की नज़रें ज्यादातर सामने रहती हैं, जिससे उनके कॉट बिहाइंड और पगबाधा आउट देने में कोई गलती न हो। ऐसे में वे नो बॉल के लिए इतने सजग नहीं रह पाते हैं।
हमारा यह भी मानना है कि नो बॉल की जिम्मेदारी तीसरे अंपायर को भी नहीं देनी चाहिए। इसके अतिरिक्त एक अलग टीवी अंपायर होना चाहिए, जो ऑनफील्ड अंपायरों की मदद कर सके।