MI के कोच महेला जयवर्धने ने बुमराह, सूर्यकुमार और तिलक के खराब प्रदर्शन का किया बचाव
क्या है खबर?
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 44वें मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) ने मुंबई इंडियंस (MI) को 8 विकेट से हरा दिया। इस हार ने सोशल मीडिया पर टीम के प्रमुख खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर बहस छेड़ दी। हालांकि, मैच के बाद MI के मुख्य कोच महेला जयवर्धने ने जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा के निराशाजनक प्रदर्शन पर खुलकर बात की और उनका बचाव भी किया। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।
वापसी
सूर्यकुमार जल्द ही फॉर्म में लौटेंगे- जयवर्धने
जयवर्धने ने अपने खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि वे जल्द ही अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट आएंगे। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उनका प्रदर्शन खराब हुआ है। अगर वे कुछ अच्छी पारियां खेल लेते हैं तो मुझे लगता है कि वे लय हासिल कर लेंगे।" जयवर्धने विशेष रूप से सूर्यकुमार की कुछ अच्छी पारियों के साथ वापसी करने की क्षमता को लेकर आशावादी नजर आए और उन्होंने टीम का उनमें विश्वास होना भी बताया।
परेशानी
"सूर्यकुमार सीमा रेखा पर ज्यादा कैच आउट हुए"
जयवर्धने ने पिछले मैच में सूर्यकुमार की आक्रामक बल्लेबाजी की तारीफ की, लेकिन यह भी माना कि इस सीजन वह अधिकतर सीमा रेखा के पास कैच आउट हुए हैं। उन्होंने कहा, "वह पूरी तरह से तैयार हैं। मुझे लगता है कि वह अच्छी फॉर्म में हैं, बस इस सीजन में कुछ शॉट्स के कारण सीमा रेखा पर कैच आउट होने से उन्हें सफलता नहीं मिली है।" उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार को फॉर्म में लौटने में थोड़ा ही समय लगेगा।
बचाव
तिलक अभी सीख रहे हैं- जयवर्धने
जयवर्धने ने तिलक के बारे में कहा कि वह अभी भी टी-20 क्रिकेट में अपने खेल को लेकर सीख रहे हैं। उन्होंने कहा, "तिलक अभी भी सीख रहे हैं और उन्हें जो भी भूमिकाएं निभाने को दी गई हैं, उन्हें निभा रहे हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभिन्न परिस्थितियों को संभालना और उन परिस्थितियों में क्या करना चाहिए, इस बारे में पहले से सोचना आदि ऐसे कौशल हैं जो तिलक में अनुभव के साथ विकसित होंगे।
गेंदबाजी
बुमराह को लेकर क्या बोले जयवर्धने?
इस सीजन में MI की गेंदबाजी बड़ी चिंता का विषय रही है और बुमराह के लगातार विकेट न लेने से स्थिति और भी खराब हो गई है। हालांकि, जयवर्धने ने कहा कि यह सभी गेंदबाजों का सामूहिक प्रयास है, न कि सिर्फ बुमराह का। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ बुमराह की बात नहीं है। यह सभी गेंदबाजों का सामूहिक प्रयास है। जब सभी मिलकर काम करते हैं और विकेट लेते हैं, तो बुमराह को अधिक आक्रामक होने का मौका मिलता है।"