
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज़ माधव आप्टे का निधन, जानिए कैसा रहा था करियर
क्या है खबर?
क्रिकेट जगत में भारत की पहचान उसके बल्लेबाज़ों से होती है और हो भी क्यों ना, भारतीय टीम में एक से बढ़कर एक बल्लेबाज़ आए, जिन्होंने विश्व क्रिकेट में कई कीर्तिमान स्थापित किए।
एक ऐसा ही बल्लेबाज़ 1950 के दौर में भारतीय टीम में आया था, जिसने अपनी बल्लेबाज़ी से कम समय में ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में गहरी छाप छोड़ दी थी।
लेकिन आज वह महान खिलाड़ी हमारे बीच नहीं रहा, 86 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली।
निधन
मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में माधव आप्टे ने ली आखिरी सांस
1952 में भारत के लिए डेब्यू करने वाले माधव आप्टे ने 86 साल की उम्र में सोमवार सुबह दुनिया को अलविदा कहा, उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली।
रिपोर्ट के अनुसार, आप्टे का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ है। आप्टे ने भारत के लिए भले ही सिर्फ सात टेस्ट खेले, लेकिन इस बीच उन्होंने लगभग 50 की औसत से रन बनाए।
वेस्टइंडीज दौरे पर अपनी बल्लेबाज़ी से उन्होंने सभी को काफी प्रभावित किया था।
प्रदर्शन
1953 में वेस्टइंडीज दौरे पर माधव आप्टे ने किया था शानदार प्रदर्शन
बता दें कि माधव आप्टे ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ 1952 में खेला था। इस टेस्ट को भारत ने 10 विकेट से जीता था।
अपने टेस्ट करियर में आप्टे ने पांच मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले थे, जिसमें उन्होंने 51.11 की औसत से 460 रन बनाए थे।
आप्टे ने अपना आखिरी टेस्ट मैच में 1953 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ही खेला था। हालांकि, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आप्टे के नाम 3,000 से ज्यादा रन हैं।
शोक
माधव आप्टे के निधन पर सचिन तेंदुलकर ने जताया शोक
माधव आप्टे के निधन से 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली को भारी झटका लगा।
सचिन ने ट्वीट कर लिखा, "आप्टे सर के साथ मेरी कई यादें जुड़ी है। जब मैं 14 साल का था तब उनके खिलाफ शिवाजी पार्क में खेलने का मौका मिला था। आज भी याद है कि उन्होंने 15 साल की उम्र में मुझे CCI के लिए खेलने का मौका दिया था। उनका समर्थन हमेशा मेरे साथ था। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।"
ट्विटर पोस्ट
मैं 14 साल की उम्र में आप्टे सर के खिलाफ खेला था- सचिन तेंदुलकर
Have fond memories of Madhav Apte Sir.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) September 23, 2019
I got to play against him at Shivaji Park when I was 14.
Still remember the time when he Dungarpur Sir let me play for the CCI as a 15-year old. He always supported me was a well wisher.
May his Soul Rest In Peace🙏 pic.twitter.com/NKp6NicyO5
करियर
ऐसा रहा था माधव आप्टे का करियर
माधव आप्टे के नाम टेस्ट क्रिकेट के सात मैचों में 49.27 की औसत से 542 रन हैं। जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं।
वेस्टइंडीज दौरे पर आप्टे ने लगातार तीन अर्धशतक लगाकर दुनियाभर में काफी प्रशंसा बटोरी थी।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट के 67 मैचों में आप्टे के नाम 38.79 की औसत से 3,336 रन हैं। जिसमें 6 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं।
आप्टे ने अपने करियर में ओपनिंग की एक नई परिभाषा गढ़ी थी।
ट्विटर पोस्ट
माधव आप्टे के निधन पर भावुक हुए विनोद कांबली
At a loss of words, hearing about the passing away of Madhav Apte Sir.
— VINOD KAMBLI (@vinodkambli349) September 23, 2019
I knew him as a kid and looked up to him for advice. He always motivated me and pushed me to do well.
Both me and my father had the privilege of playing cricket with him.
May your soul Rest in Peace Sir!🙏 pic.twitter.com/Z77PL9sFDu
ट्विटर पोस्ट
माधव आप्टे के निधन पर हर्षा भोगले ने भी जताया दुख
I am in mourning at the passing of Shri Madhav Apte. Deep, genuine cricket lover, quality batsman himself (7 tests at an avg of 49.3), and a classy, dignified human being. From an era where love for the game was unconditional. Wonderful host, great story-teller.
— Harsha Bhogle (@bhogleharsha) September 23, 2019