WWDC 2026: ऐपल ने लॉन्च किया मैकOS गोल्डन गेट 27, मिले कई नए AI फीचर्स
क्या है खबर?
WWDC 2026 इवेंट में ऐपल ने मैक कंप्यूटरों के लिए अपने नए ऑपरेटिंग सिस्टम मैकOS गोल्डन गेट 27 की घोषणा की है। कंपनी ने इसमें डिजाइन, सर्च, AI और परफॉर्मेंस से जुड़े कई नए फीचर्स जोड़े हैं। नया सिस्टम पिछले संस्करण में आई कुछ प्रमुख शिकायतों को दूर करने पर केंद्रित है। इसके साथ ही यूजर्स को इंटरफेस पर पहले से अधिक नियंत्रण और बेहतर अनुभव देने की कोशिश की गई है।
सुधार
लिक्विड ग्लास डिजाइन में किए गए सुधार
नए मैकOS में लिक्विड ग्लास डिजाइन को और बेहतर बनाया गया है। ऐपल ने इंटरफेस के कई हिस्सों को नया रूप दिया है, ताकि वे अधिक साफ और एक जैसे दिखाई दें। यूजर्स अब यह भी तय कर सकेंगे कि स्क्रीन पर लिक्विड ग्लास प्रभाव कितना दिखाई दे। इसके अलावा, सिस्टम और ऐप विंडो के गोल कोनों को एक समान बनाया गया है, जिससे पूरे सिस्टम का लुक पहले से ज्यादा व्यवस्थित और आकर्षक नजर आएगा।
सर्च
सर्च सिस्टम हुआ पहले से ज्यादा बेहतर
ऐपल ने मैक के सर्च सिस्टम में भी बड़े बदलाव किए हैं। कंपनी ने फाइल, फोल्डर और ऐप खोजने वाली तकनीक को फिर से तैयार किया है। इससे उन समस्याओं को दूर करने की कोशिश की गई है, जिनमें कभी-कभी फाइंडर जरूरी फाइलें खोजने में परेशानी करता था। नए सर्च सिस्टम के जरिए यूजर्स को तेज और अधिक सटीक परिणाम मिलने की उम्मीद है, जिससे काम करना पहले की तुलना में आसान हो सकेगा।
विजुअल इंटेलिजेंस
सिरी AI और विजुअल इंटेलिजेंस की एंट्री
मैकOS गोल्डन गेट 27 में नया सिरी AI भी जोड़ा गया है। यह स्पॉटलाइट के साथ काम करेगा और यूजर्स के सवालों को समझकर बेहतर जवाब देने में सक्षम होगा। सिरी AI ईमेल का ड्राफ्ट तैयार करने और संदेश लिखने जैसे काम भी कर सकेगा। इसके साथ विजुअल इंटेलिजेंस फीचर भी दिया गया है, जो स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी को समझकर उससे जुड़े सुझाव और उपयोगी जवाब प्रदान करेगा।
बदलाव
सफारी और राइटिंग टूल्स में भी बदलाव
नए अपडेट में सफारी ब्राउजर को भी AI फीचर्स के साथ बेहतर बनाया गया है। अब यह टैब को उनके विषय के अनुसार अपने आप व्यवस्थित कर सकेगा और वेबसाइट अपडेट होने पर सूचना भी देगा। इसके अलावा, नए राइटिंग टूल्स जोड़े गए हैं, जो ईमेल और अन्य लिखित सामग्री तैयार करने में मदद करेंगे। यह सिस्टम यूजर की लेखन शैली को समझकर उसी के अनुसार सुझाव देने और भाषा को बेहतर बनाने में भी सहायता करेगा।