सुपरबग्स से लड़ने के लिए भारतीय एंटीबायोटिक्स को अमेरिका में भी मिली मंजूरी
भारत ने खतरनाक सुपरबग्स के खिलाफ चल रही जंग में 2 अहम जीत हासिल की हैं। 2021 में बैक्टीरियल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की वजह से 47 लाख से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। ऐसे में नई एंटीबायोटिक दवाओं की सख्त जरूरत महसूस हो रही थी।
अब मुंबई की कंपनी वॉकहार्ट ने मुश्किल यूरिनरी इंफेक्शन के लिए जैनिच नाम की दवा बनाई है, वहीं ऑर्किड फार्मा को एक्स्ब्लीफेप के लिए मंजूरी मिल गई है।
इन दोनों दवाओं को अमेरिका और भारत के नियामकों ने हरी झंडी दी है। ये दवाएं उन जिद्दी बैक्टीरिया पर वार करेंगी, जिन पर पुरानी एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो चुकी थीं।
वॉकहार्ट ने लॉन्च की नई एंटीबायोटिक मिगनेफ
वॉकहार्ट ने मिगनेफ नाम की एक और नई एंटीबायोटिक बाजार में उतारी है। यह पिछले 30 सालों में पहली नई मैक्रोलाइड एंटीबायोटिक है, जिसे दवा-प्रतिरोधी निमोनिया के इलाज में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ये उपलब्धियां एंटीबायोटिक के क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाती हैं। ऐसे समय में जब दुनियाभर में सुपरबग्स के खिलाफ प्रभावी दवाएं कम होती जा रही हैं, ये नई दवाएं एक नई उम्मीद लेकर आई हैं।