अमेरिकी सेना ने पहला हाइपरसोनिक ILP टेस्ट कर बचाए लाखों रुपये
अमेरिकी सेना ने एरिजोना के युमा प्रोविंग ग्राउंड में अपना पहला लाइव-फायर हाइपरसोनिक टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
पूरा मिसाइल दागने के बजाय उन्होंने इंटीग्रेटेड लॉन्च पैकेज (ILP) का इस्तेमाल किया। खास बात यह है कि इस पैकेज में एक ऐसा लॉन्चर लगा है, जिसे किसी पुराने, रद्द किए गए प्रोजेक्ट के लिए बनाया गया था।
इस समझदारी से उठाए गए कदम से सेना अब हाइपरसोनिक हथियारों को बेहद मुश्किल परिस्थितियों में भी जांच पा रही है और इस दौरान बजट पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ रहा है।
हाइपरसोनिक टेस्ट की लागत हुई कम
ILP को कड़े दबावों और तीव्र गति का सामना कराया गया। हाई-स्पीड कैमरों और सेंसर्स की मदद से इसकी हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी गई।
सबसे अच्छी बात यह है कि ये टेस्ट पारंपरिक हाइपरसोनिक परीक्षणों के मुकाबले बहुत किफायती हैं, जिनकी लागत प्रति परीक्षण 95 लाख से लेकर 1.5 करोड़ डॉलर (करीब 9-140 करोड़ रुपये) से भी ज्यादा हो सकती है। इन आंकड़ों से भविष्य के हाइपरसोनिक हथियारों के डेवलपमेंट में काफी मदद मिलेगी। साथ ही महंगे और बड़े मिसाइल टेस्ट की जरूरत भी कम हो जाएगी।